मुंबई में एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करके भागे शूटरों को कोटा पुलिस ने ट्रेन में से महज 5 मिनट में ही पकड़ लिया था। जयपुर-पुणे ट्रेन के कोटा स्टेशन पहुंचने से पहले RPF और कोटा पुलिस को कन्फर्म इनपुट मिला था कि तीनों बदमाश किस कोच में बैठे हैं। उसी के अनुसार RPF और कोटा पुलिस ने प्लानिंग की। पुलिसकर्मी यात्री बनकर ट्रेन में बैठ गए। तीनों को पकड़ने के बाद स्टेशन के पीछे वाले रास्ते से बाहर निकाला। बदमाशों को पकड़ने के लिए एक घंटे का वक्त जयपुर-पुणे ट्रेन का कोटा स्टेशन पहुंचने का समय सुबह 10:15 बजे था। ट्रेन कोटा में 10 मिनट रुकती है। कोटा पुलिस को सुबह 9:15 बजे और आरपीएफ को 9:30 बजे मुंबई पुलिस से इनपुट मिला था। दोनों टीमों के पास स्टेशन पहुंचने से लेकर बदमाशों को पकड़ने के लिए करीब एक घंटे का वक्त था। अब पढ़िए पूरा ऑपरेशन… RPF थाना प्रभारी को मुंबई से फोन आया, पुलिस अलर्ट RPF थाना अधिकारी चौप सिंह डावर ने बताया- मैं सुबह 9:30 बजे रेलवे के असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर ओम प्रकाश रावत के साथ प्लेटफॉर्म 3-4 पर था। वहां रेनोवेशन का काम चल रहा था। उसी समय मेरे पास मुंबई क्राइम ब्रांच के IPS अफसर का फोन आया। उन्होंने बताया कि टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के आरोपी पुणे-जयपुर ट्रेन में जनरल डिब्बे में सफर कर रहे हैं। ट्रेन कोटा स्टेशन पर पहुंचने वाली है। सूचना मिलते ही RPF के सब-इंस्पेक्टर सुमित और कॉन्स्टेबल को सिविल ड्रेस में मौके पर भेजा। बाकी सभी 20 जवानों को अलर्ट किया। ट्रेन यार्ड में भी रेलवे के जवान तैनात किए। बदमाश पकड़े नहीं जाएं, तब तक ट्रेन आगे नहीं बढ़े चौप सिंह डावर ने बताया- परिचालन (ऑपरेशनल) विभाग में सूचना दी कि जब तक बदमाश पकड़े नहीं जाते, तब तक ट्रेन आगे न बढ़ाएं। इसकी पूरी मॉनिटरिंग असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर ओम प्रकाश रावत कर रहे थे। ट्रेन में और स्टेशन पर भीड़ रहती है। ऐसे में पकड़ने के दौरान बदमाश फायरिंग कर सकते हैं या भगदड़ मच सकती है। इन बातों को ध्यान में रखकर बदमाशों वाले कोच के आसपास सिविल ड्रेस में ही जवान तैनात किए। कुछ देर में ही कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम से भी फोन पर बात हुई। इसके बाद कोटा सिटी पुलिस के जवान भी सिविल ड्रेस में वहां पहुंच गए थे। ट्रेन को आउटर पर 5 मिनट रोका प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पहले से एक ट्रेन खड़ी थी। इस कारण जयपुर-पुणे ट्रेन को 5 मिनट आउटर पर रोका। इस बीच पुलिस टीमों को अपनी-अपनी लोकेशन सेट करने के लिए पर्याप्त मौका मिल गया। सभी जवान अपनी-अपनी लोकेशन पर मुस्तैद थे। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची। 3 से 4 मिनट में पूरा ऑपरेशन कंप्लीट कर दिया। 5 मिनट देरी से चल रही थी जयपुर-पुणे ट्रेन ऑपरेशन में शामिल रहे कोटा पुलिस के एक अधिकारी ने बताया- जयपुर-पुणे ट्रेन का कोटा स्टेशन पर आने का टाइम सुबह 10:15 बजे था। लेकिन उस दिन ट्रेन 5 मिनट देरी से चल रही थी। ऐसे में एक सुपरफास्ट ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ी थी। इसके कारण ट्रेन 5 मिनट लेट 10:20 बजे पहुंची। हमें पहले ही पता लग गया था कि बदमाश जनरल कोच में बैठे हैं। प्लेटफॉर्म पर जिस जगह दोनों जनरल कोच लगने थे, वहां 8 से 10 पुलिसकर्मी और RPF के 2 जवानों पहुंच गए। मुंबई पुलिस ने कोटा पुलिस को आरोपियों की सूरत की सीसीटीवी फुटेज शेयर की थी। इसी से पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को पहचाना। ट्रेन रुकते ही शुरू की सर्चिंग, एक जवान ने पहचाना ट्रेन जैसे ही प्लेटफॉर्म पर रुकी, वैसे ही जवानों ने खिड़की से सर्च करना शुरू कर दिया। ट्रेन रुकने के बाद पैसेंजर भी उतरने लगे। RPF जवान सीताराम ने खिड़की के पास बैठे बदमाश को पहचान लिया। पास खड़े पुलिसकर्मी सुरेंद्र, सुरेश, संजय और इंद्र की नजर भी शूटर पर पड़ी। वो भुजिया लेने के लिए इधर-उधर देख रहा था। इतने में सीताराम ने RPF के उच्च अधिकारियों को सूचना दी। बैग लेकर पैसेंजर की तरह बदमाशों के पास जाकर बैठे इंस्पेक्टर इसी दौरान पुलिस जवान इंद्र सिंह ने जनरल डिब्बे के आखिरी में गेट के पास खड़े SI प्रताप सिंह को शूटर के बारे में बताया। साथ ही उन्हें इशारा किया। प्रताप के पास बैग था। वे तुरंत बैग लेकर पैसेंजर की तरह बदमाश के पास सीट पर जाकर बैठ गए। तब तक बाहर सादे कपड़ों में खड़े पुलिस जवान भी अलर्ट हो चुके थे। दोनों तरफ से डिब्बे को कवर कर लिया। दो बदमाश नीचे सीट पर थे, एक ऊपर बर्थ पर लेटा था शूटर के पास हथियार होने की संभावना थी। SI प्रताप भी अपने बचाव के लिए हथियार लेकर गए थे। सीट पर बैठने के बाद तुरंत बाहर खड़े पुलिस जवानों को अंदर आने का इशारा किया। बदमाश कुछ समझ पाते, उतनी देर में 6-7 पुलिसकर्मी डिब्बे के अंदर चढ़ गए। जिस जगह बदमाश बैठे थे, वो एरिया कवर किया। दो शूटर नीचे सीट पर थे। उनमें एक ऊपर बर्थ में चढ़ने की तैयारी में था। तीसरा शूटर ऊपर के बर्थ पर लेटा हुआ था। पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया। पैसेंजर कुछ समझ पाते, उससे पहले ही तीनों शूटरों रेहान उर्फ सुक्का, ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और फूल सिंह को कोच से निकालकर पुलिस जवान बाहर ले आए। प्लेटफॉर्म पर लगे वीडियो में SI प्रताप सिंह नजर आ रहे हैं। वे यात्री बनकर ट्रेन के कोच में गए थे। उनके साथ पुलिस और RPF की टीम ने तीनों शूटरों को पकड़ा। सबसे आगे शूटर ऋतिक को RPF जवान सीताराम और कोटा सिटी पुलिस जवान सुरेश पकड़कर ला रहे थे। शूटर रेहान को संजय और शौकत पकड़कर ला रहे थे। इनके पीछे RPF के सब-इंस्पेक्टर सुमित नजर आए। तीसरे शूटर फूल सिंह को शैलेंद्र और मामराज पकड़कर ला रहे थे। उनके साथ मोहित भी था। सबसे पीछे RPF इंस्पेक्टर चौप सिंह डावर और वर्दी में RPF और जीआरपी जवान मौजूद थे। आखिर में ASI बहादुर सिंह नजर आए। बाहर लाने के लिए भी अलग रास्ता चुना रेलवे पुलिस और कोटा सिटी पुलिस ने तीनों शूटर को बाहर निकालने के लिए अलग रास्ता चुना, ताकि किसी को कोई भनक न लगे। पुलिस बदमाशों को लेकर प्लेटफॉर्म नंबर एक से दो की तरफ से होते हुए रंगपुर पुलिया की ओर से गईं। सुबह 10:30 बजे कोटा स्टेशन के पीछे वाले रास्ते से बाहर आ गए। शूटर को पकड़ने के बाद रेलवे कॉलोनी थाना अधिकारी रामस्वरूप मीणा को सूचना देकर पीछे के रास्ते पर बुलाया और गाड़ियां मंगवाई। इसके बाद सभी एसपी ऑफिस पहुंचे। एसपी ने बनाई थी तीन टीमें मुंबई क्राइम ब्रांच के आईपीएस ने कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम को सूचना दी थी कि सूरत स्टेशन से तीन बदमाश भागते हुए ट्रेन में जनरल बोगी में चढ़े हैं। एसपी ने तुरंत ट्रेन आने से पहले कोटा पुलिस टीम की तीन टीमें बनाई। पहली टीम के इंचार्ज रामस्वरूप मीणा (थाना अधिकारी रेलवे कॉलोनी) को बनाया। दूसरी टीम इंचार्ज SI लइक अहमद और तीसरी टीम का इंचार्ज SI प्रताप सिंह को बनाया गया। कोटा स्टेशन के बाहर भीमगंज मंडी थाना अधिकारी रामविलास मीना की टीम को तैनात किया गया था। तीनों टीमों को अलग-अलग जगह भेजा गया। प्रताप सिंह वाली टीम ट्रेन के आगे के हिस्से जनरल कोच के बाहर मौजूद रही। लइक अहमद की टीम ट्रेन के बीच वाले हिस्से और रामस्वरूप मीणा वाली टीम को ट्रेन के पीछे वाले हिस्से में लगाया। … ये खबरें भी पढ़ें... 15 घंटे बाद 15 मिनट में कैसे पकड़े गए शूटर?:टाइगर पर फायरिंग करने 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