कोटा रेलवे स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए गोल्फ कार्ट (इलेक्ट्रिक कार्ट) की सुविधा, यात्रियों को मनमाने किराए से निजात दिलाने के लिए प्रीपेड टैक्सी बूथ की स्थापना और कोटा में ही आधुनिक ट्रेनों के प्राथमिक रखरखाव के लिए विश्वस्तरीय केंपेट डिजाइन नई पिटलाइन के निर्माण को मंजूरी मिली है। क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य आशीष मेहता ने बताया कि पिछले दिनों पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) की मौजूदगी में जबलपुर में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में कोटा मंडल और यात्रियों से जुड़े कई मामलों को उठाया गया था। बैठक में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और बीमार यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए स्टेशन आधुनिकीकरण के तहत प्लेटफॉर्मों पर इलेक्ट्रिक कार्ट और लगेज ट्रॉली के संचालन की मांग को स्वीकार कर लिया गया है। रेलवे ने सूचित किया है कि कोटा मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर इसके लिए एनएफआर के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके अलावा कोटा शहर के एजुकेशन सिटी होने के मद्देनजर, देश भर से आने वाले स्टूडेंटस और उनके परिजनों को ऑटो-टैक्सी चालकों की मनमानी से बचाने के लिए कोटा स्टेशन पर प्रीपेड टैक्सी बूथ की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। पुनर्विकास काम पूरा होते ही ट्रैफिक पुलिस के समन्वय से इसे तुरंत शुरू किया जाएगा। कोटा मंडल से नई ट्रेनों के संचालन और उनके प्राथमिक रखरखाव के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। कोटा में वंदे भारत गाड़ियों के विश्वस्तरीय मेंटेनेंस के लिए आधुनिक केंपेट डिजाइन पिट लाइन के काम को स्वीकृति दे दी गई है। इसके साथ ही एक नई पिट लाइन का निर्माण कार्य भी मंजूर किया गया है। इस कदम से भविष्य में कोटा से नई दिल्ली, मुंबई या अन्य प्रमुख मार्गों के लिए नई वंदे भारत और अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है।