कोटा के रानपुर स्थित स्टोन शिपर्स कंपनी के बाहर कर्मचारियों का आंदोलन लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि उन्होंने वार्ता के लिए कंपनी प्रबंधन को पत्र भेजा, लेकिन बातचीत करने से इनकार कर दिया गया। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारी संघ का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने 50 से अधिक कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से निकाल दिया। इसी के विरोध में कर्मचारी बहाली की मांग को लेकर धरना और कार्मिक अनशन कर रहे हैं। प्रबंधन से वार्ता के लिए भेजा पत्र, बातचीत से किया मना स्टोन शिपर्स कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नाथूलाल गोस्वामी ने बताया कि आंदोलन का आज आठवां दिन है। पहले चार दिन कर्मचारियों ने धरना दिया और पिछले चार दिनों से कार्मिक अनशन चल रहा है। उन्होंने कहा कि आज कंपनी प्रबंधन से वार्ता के लिए एक पत्र भेजा गया, लेकिन प्रबंधन ने बातचीत से इनकार कर दिया और कर्मचारियों के साथ अनर्गल भाषा का प्रयोग किया। पूर्व सूचना के हटाना श्रम कानूनों के खिलाफ, रोजगार का संकट कर्मचारी संघ का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करना श्रम कानूनों के खिलाफ है और इससे दर्जनों परिवारों के सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है। संघ का कहना है कि उन्होंने कई बार बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन प्रबंधन का रवैया सकारात्मक नहीं रहा। आज आंदोलन के दौरान कर्मचारी संघ की ओर से मेघराज नागर, रामलखन नागर, पंकज शर्मा, त्रिलोक मिश्रा और विनोद मिश्रा क्रमिक अनशन पर बैठे। कर्मचारियों को वापस नौकरी पर नहीं लेंगे तो जारी रहेगा आंदोलन कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सभी कर्मचारियों को वापस नौकरी पर नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने को विभिन्न संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द वार्ता कर कर्मचारियों की बहाली नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।