कोटा शहर के 'एसी वाले गणेश मंदिर' से छोटे-छोटे 13 कलश (छत्र) बेचने का मामले में कमेटी अध्यक्ष का बचाव करते दिखे। मंदिर समिति की बुलाई गई आपात बैठक में अध्यक्ष सतीश गोपलानी से सदस्यों ने स्पष्टीकरण भी मांगा था। बैठक के बाद मंदिर प्रभारी सुनील ने बताया कि अध्यक्ष से बिना समिति के निर्णय के छत्र बेचने की बड़ी गलती हुई है। उन्होंने अपनी इस गलती को स्वीकार करते हुए सभी से माफी मांगी है। अध्यक्ष का बचाव करते हुए ये भी कहा कि समिति के सामने ये प्रस्ताव नहीं रखा गया था ये सही है लेकिन दो-चार लोगों की जानकारी में ये मामला था। ऐसे में अभी अध्यक्ष को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। बैठक में सचिव श्याम रोहिडा समेत पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे। अध्यक्ष पर मनमानी करने का लगाया आरोप दरअसल, मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीश गोपलानी ने ये छत्र मंदिर के ही केयरटेकर को बेचने के लिए दिए थे। मामला सामने आया तो सफाई देते हुए कहा कि एक बड़ा छत्र बनवाने के उद्देश्य से इन छोटे छत्रों को बेचा गया था। सबसे बड़ी बात है कि इसके लिए समिति में प्रस्ताव भी नहीं रखा गया और न ही कोई निर्णय पारित करवाया गया। साथ ही केयरटेकर मोनू ने बजरंगनगर में ज्वेलर्स के यहां जाकर बडे़ छत्र के बजाय पायजेब बनाने के लिए कहा था। वह पायजेब और रुपए लेकर भी आ गया था। मामला सामने आने के बाद आज बैठक बुलाई गई। कुछ पूर्व सदस्य और मंदिर से पुराने समय से जुडे़ लोग भी पहुंचे थे लेकिन उन्हें मीटिंग में शामिल नहीं होने दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां पर अध्यक्ष मनमानी कर रहे हैं। पहले भी छत्र गायब हुए हैं। हालांकि जब उन्हें कैमरे के सामने बात करने को कहा गया तो उनका कहना था कि मामले में जरूरत पड़ी तो पुलिस के पास जाएंगे। अध्यक्ष ने मानी गलती, मांगी माफी बैठक के बाद इस पूरे घटनाक्रम पर मंदिर प्रभारी सुनील ने बताया कि बैठक में यह निष्कर्ष निकला है कि अध्यक्ष से बिना समिति के निर्णय के छत्र बेचने की बड़ी गलती हुई है। उन्होंने अपनी इस गलती को स्वीकार करते हुए सभी से माफी मांगी है। हालांकि उन्होंने अध्यक्ष का बचाव करते हुए यह भी कहा कि समिति के सामने ये प्रस्ताव नहीं रखा गया था ये सही है लेकिन दो-चार लोगों की जानकारी में ये मामला था। ऐसे में अभी अध्यक्ष को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। सुनील ने आगे बताया कि बैठक में 5 सदस्यों की एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी मौके पर जाएगी और छत्र वापस लेकर आएगी। ज्वेलर को रकम लौटाकर छत्र लेकर आएंगे। इसके बाद आगे क्या रहता है वह बाद में तय होगा।