कोटा में मंदिर की बेशकीमती जमीन भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त नहीं हो पा रही है। प्रशासन और अधिकारियों से नाराज मंदिर के पुजारियों ने शुक्रवार को कलेक्टर के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। जमीन का कब्जा न मिलने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। उम्मेदगंज क्षेत्र स्थित मंदिर श्री सरस्वती नाथ विराजमान जिन्दा समाधि के पुजारी रामनारायण योगी ने बताया कि खेड़ा रामपुर स्थित मंदिर की करीब साढ़े 37 बीघा जमीन पर दबंगों और भूमाफियाओं ने लंबे समय से अवैध कब्जा कर रखा है। यह मंदिर करीब 600 साल पुराना है। पीढ़ियों से मेरा परिवार यहां पूजा-अर्चना करता आ रहा है। जमीन को लेकर राजस्व अपील प्राधिकारी कोटा में याचिका दायर की गई थी, जिसका फैसला 30 जुलाई 2026 को हमारे पक्ष में आया था। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि मंदिर की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर पुजारी के सुपुर्द किया जाए। अधिकारियों की लापरवाही और टालमटोल से परेशान पुजारी का आरोप है कि आदेश के बावजूद तहसीलदार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी कब्जा दिलाने में लगातार आनाकानी कर रहे हैं। जब भी जमीन का कब्जा लेने के लिए जाते हैं तो भूमाफिया और असामाजिक तत्व गाली-गलौज करते हुए डरा-धमकाकर भगा देते हैं। अधिकारियों के चक्कर काटकर मानसिक रूप से प्रताड़ित हो चुका हूं। राजस्थान पुजारी सेवक महासंघ का समर्थन, भूख हड़ताल की दी चेतावनी शुक्रवार को राजस्थान पुजारी सेवक महासंघ के बैनर तले कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई है कि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज मंदिर की जमीन को तुरंत अतिक्रमण से मुक्त कराकर पुजारियों के हवाले किया जाए। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि अगर शासन-प्रशासन द्वारा भूमाफियाओं से कब्जा नहीं छुड़ाया गया तो पीड़ित पुजारी परिवार जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन एवं तहसीलदार की होगी।