कोटा में गाड़ी छुड़ाने गए युवकों और ट्रैफिक कॉन्स्टेबल के बीच कहासुनी मामले में कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। दरअसल, मंगलवार रात करीब 5-7 युवक कंट्रोल रूम में गाड़ी छुड़ाने के लिए आए थे। इस दौरान एक ही युवक अंदर आ सकता है कहने पर युवक भड़क गए। और विवाद बढ़ गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद बुधवार को कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने अनुशासनहीनता मामले में कार्रवाई करते हुए कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया है, साथ ही मामले की जांच ट्रैफिक पुलिस उपाध्यक्ष को सौंपी है। अभियान के तहत जब्त की थी बुलेट मामले में ट्रैफिक डीएसपी शक्ति सिंह दायमा ने कहा कि रात को 5 से 7 युवक जब्त गाड़ी को छुड़ाने के लिए कोर्ट का आदेश लेकर कंट्रोल रूम पहुंचे थे। संतरी अभिषेक अंदर बैठा था। युवकों व अभिषेक के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गईं। जिसका किसी ने वीडियो बना लिया। आज दोनों दोनों पक्षों को बुलाया है। बातचीत के बाद ही विवाद की असली वजह सामने आएगी। कॉन्स्टेबल और गाड़ी छुड़ाने आए युवकों के बीच गाली-गलौज ट्रैफिक कॉन्स्टेबल अभिषेक ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम में मेरी ड्यूटी थी। रात 10 बजे करीब 5 से 7 युवक जब्त गाड़ी को छुड़ाने के लिए कोर्ट का आदेश लेकर कंट्रोल रूम पहुंचे। उस समय भीड़ ज्यादा हो रही थी। इसलिए मैंने उनसे 15-20 मिनट रुकने को कहा। इस पर युवकों ने कहा कि हमें पुरा दिन कोर्ट में हो गया। अब यहां भी इधर-उधर घूमा रहे हो। मैंने युवकों से 5- 10 मिनट रुकने की रिक्वेस्ट की। युवक नहीं माने ओर बहस करने लगे। युवकों से बाहर जाने को कहा-कॉन्स्टेबल इतने में एक युवक गाड़ी को लेकर चुपचाप निकलने लगा। मेरी नजर पड़ी। मैंने बेरिकेट खींच कर आगे लगाया। गाड़ी को वापस खड़ा करवाया। युवकों से कहा एक जना रुक जाओ, बाकी बाहर चले जाओ। इतने में युवकों ने धक्का मुक्की कर दी। फिर युवकों ने बाहर जाकर गालियां दी। तब मुझे गुस्सा आ गया। मैंने युवकों से कहा बाहर चलकर लड़ लो। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। वीडियो में कॉन्स्टेबल अपनी वर्दी से बेल्ट उतारते हुए युवकों को बाहर चलकर बात करने के लिए कहता नजर आ रहा है।