कोटपूतली-बहरोड़ जिले में लगातार दूसरे दिन आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश हुई। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हुई इस बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई है। लंबे समय से पड़ रही तेज धूप और लू के बाद तापमान में गिरावट आई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। जिले में सर्वाधिक 30 एमएम बारिश विराटनगर में दर्ज की गई। इसके अलावा, कोटपूतली में 5 एमएम, पावटा में 18 एमएम, बहरोड़ में 5 एमएम, नीमराना में 2 एमएम, नारायणपुर में 18 एमएम, बानसूर में 4 एमएम और माडन में 2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। चारे की फसलों के लिए होगी फायदेमंद यह बारिश ग्रीष्मकालीन चारे की फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। हालांकि, बाड़ी में लगी साग-सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवा और बारिश के कारण कई जगह सब्जी की फसलें जमीन पर गिर गईं। किसानों की चिंता बढ़ गई है, खासकर टमाटर, बैंगन, लौकी और अन्य हरी सब्जियों को अधिक नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां एक ओर बारिश से गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर सब्जी उत्पादक किसानों के लिए यह आफत बनकर आई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव जारी रहने की संभावना जताई है।