जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस लेन पर अतिक्रमण हटाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कोटपूतली में अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों के पालन में की जा रही है। कोटपूतली पुलिस की मौजूदगी में विभिन्न स्थानों पर सीमांकन कर कच्चे और टिनशेड निर्माण हटाए गए, जबकि पक्के निर्माणों के संबंध में नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं। हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी रिपोर्ट NHAI की पेट्रोलिंग इंसिडेंट टीम के इंचार्ज अनिल कुमार सैनी ने बताया-लगभग 14 से 15 लोगों ने हाईकोर्ट में स्टे याचिकाएं दायर कर रखी हैं। न्यायालय के निर्देशानुसार, प्रत्येक स्थल पर जाकर यह चिन्हित किया जा रहा है कि कौन-सा निर्माण NHAI की सीमा में आता है। इसके बाद निरीक्षण रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी। सैनी के अनुसार, NHAI के निर्धारित दायरे के अनुसार 26.08 मीटर तक माप कर अतिक्रमण हटाया जा रहा है। स्टे याचिकाकर्ताओं का कहना है कि NHAI अपनी भूमि का कब्जा ले, लेकिन उनके पट्टे वाली भूमि पर बने निर्माणों को नहीं हटाया जाना चाहिए। कच्चे निर्माणों को तत्काल हटाया सैनी ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि का अधिग्रहण पूर्व में किया जा चुका है और प्रभावितों को मुआवजा भी दिया जा चुका है। जिन स्थानों पर पक्के निर्माण हैं, वहां नियमानुसार नोटिस दिए जा रहे हैं, जबकि टिनशेड और कच्चे निर्माणों को तत्काल हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोटपूतली में कुल 14 स्थानों पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चल रहा है। प्रभावित लोगों को कार्रवाई से एक दिन पहले सूचना भी दी जा रही है। हाईकोर्ट के आदेशानुसार, स्टे याचिकाओं से संबंधित स्थलों की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जानी है। वहीं, जिन लोगों के निर्माण हटाए जा रहे हैं, उन्होंने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। प्रभावितों का आरोप है कि यह कार्रवाई चयनात्मक है। उनका कहना है कि वे NHAI के अधिकार क्षेत्र में आने वाली भूमि छोड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन कार्रवाई पूरे क्षेत्र में समान रूप से होनी चाहिए।