बूंदी में हनुमान जन्मोत्सव और क्रीड़ाभारती स्थापना दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। क्रीड़ाभारती की बूंदी इकाई की ओर से खेल संकुल में आयोजित इस प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग (पुरुष/महिला) के मुकाबले हुए। मल्टीपरपज इंडोर हॉल में हुए उद्घाटन सत्र में राजस्थान कबड्डी संघ के कोषाध्यक्ष अक्षय सिंह हाड़ा मुख्य अतिथि रहे। जिला खेल अधिकारी हर्षवर्धन सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कुंजबिहारी भारद्वाज, कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) जसवंत शर्मा और सेवानिवृत्त वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक गुरुदत्त शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अनुशासन और खेल भावना के साथ प्रतिस्पर्धा का संदेश मुख्य अतिथि अक्षय सिंह हाड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि कबड्डी जैसे स्वदेशी खेल युवाओं में शारीरिक क्षमता के साथ-साथ साहस, अनुशासन और टीम भावना का भी विकास करते हैं। सीडीईओ कुंजबिहारी भारद्वाज ने खेलों को शिक्षा का महत्वपूर्ण अंग बताया। अन्य अतिथियों ने क्रीड़ाभारती के प्रयासों की सराहना करते हुए खिलाड़ियों को अनुशासन और खेल भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करने का संदेश दिया। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया और उद्घाटन मैच शुरू करवाया। क्रीड़ाभारती चित्तौड़ प्रांत के क्रीड़ा केंद्र प्रमुख विजयभान सिंह चौहान ने कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि क्रीड़ाभारती का मुख्य उद्देश्य खेलों के माध्यम से युवाओं में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना जागृत करना है। हरगोविंद धाभाई ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जबकि अंकुर निम्बार्क ने कार्यक्रम का संचालन किया। प्रतियोगिता के दौरान दिनभर कई रोमांचक मुकाबले हुए। ग्रामीण युवा खिलाड़ियों ने जिला स्तरीय मंच पर अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मनोज वर्मा, रामप्रताप सिंह, जगदीश सैनी, यदुनंदन सिंह परिहार, खेमराज मीणा और बुद्धिप्रकाश गोचर सहित कई लोग मौजूद रहे।