कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में लगी भीषण आग चौथे दिन भी बेकाबू बनी हुई है। यह आग नलवानिया बांध नाल और आसपास की पर्वतमालाओं में तेजी से फैल गई है। दूर से दिखाई दे रहीं आग की लपटें तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाने में लगातार मुश्किलें आ रही हैं। जंगल की बहुमूल्य वन संपदा, पेड़-पौधे और सतही घास बड़े पैमाने पर जलकर राख हो रहे हैं। सादड़ी कस्बे की ऊंची इमारतों से भी आग की लपटें साफ दिखाई दे रही हैं। रात के समय आग और अधिक फैल जाती है। अंधेरे में दूर-दूर तक इसकी लपटें देखी जा सकती हैं। वन संपदा का हो रहा नुकसान इस भीषण आग से वन्यजीवों के अस्तित्व पर गंभीर संकट आ गया है। जंगल में रहने वाले कई जीव-जंतु अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। इससे क्षेत्र का पारिस्थितिकी संतुलन भी प्रभावित हो रहा है।