शहर से सटे उपली बड़ी क्षेत्र में दहशत का माहौल है। रविवार रात एक घर में तेंदुए के हमले का शिकार हुई 52 वर्षीय भूरी बाई की मौत के बाद अब वन विभाग ने क्षेत्र में सुरक्षा चक्र कड़ा कर दिया है। जिस स्थान पर हमला हुआ, वह सज्जनगढ़ सेंचुरी की दीवार से मात्र 15 फीट की दूरी पर है, जिससे बस्ती पर खतरे की आशंका बढ़ गई है। तेंदुए को जल्द से जल्द ट्रैप करने के लिए वन मंडल (उत्तर) और वन्यजीव प्रभाग ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया है। घटनास्थल और सेंचुरी के बाहरी रास्तों के पास 4 पिंजरे लगाए गए हैं। इसके अलावा तेंदुए की मूवमेंट ट्रैक करने के लिए 6 हाई-टेक ट्रैप कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। सेंचुरी के बाहर घनी बस्ती होने के कारण रात के समय वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को रात में अकेले घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। वन विभाग ने घटनास्थल और सेंचुरी के बाहरी रास्तों के पास लगाए पिंजरे। ट्रैक करने के लिए 6 हाई-टेक ट्रैप कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। सेंचुरी के बाहर घनी बस्ती होने के कारण रात के समय वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को रात में अकेले घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। मुआवजा प्रक्रिया शुरू बुधवार को एमबी अस्पताल के मोर्चरी में पोस्टमार्टम के बाद भूरी बाई का शव परिजनों के सुपुर्द किया गया। वन विभाग ने पीड़ित परिवार को राहत पहुंचाने के लिए मुआवजे की फाइल तैयार कर ली है। राज्य सरकार के नए नियमों के अनुसार अब तेंदुए के हमले में मृत्यु पर परिवार को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। बता दें, भूरी बाई रविवार रात घर के आंगन में निकली थीं। वहां घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उनके चेहरे और गर्दन को बुरी तरह दबोच लिया। अस्पताल में मंगलवार को उनकी मौत हो गई।