राजस्थान विधानसभा के 75वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में 200 वर्तमान और 495 पूर्व विधायकों को आमंत्रित किया गया है। एक साथ 695 वर्तमान और पूर्व विधायक सदन के इतिहास में पहली बार दिखेंगे। यह मेला विधानसभा के ‘अमृत महोत्सव’ के तहत 15 जुलाई को लगेगा। इसके उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला होंगे। सीएम भजनलाल शर्मा भी शिरकत करेंगे। इस दिन दो विशेष सत्र होंगे, जिनमें 75 वर्षों में विधानसभा द्वारा पारित 23 प्रमुख ऐतिहासिक कानूनों पर चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि इस अमृत महोत्सव में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े भी आएंगे। विधानसभा के पूर्व में अध्यक्ष रहे शांतिलाल चपलोत, सुमित्रा सिंह, दीपेंद्र सिंह शेखावत, कैलाशचंद मेघवाल, डॉ. सीपी जोशी तथा पूर्व उपाध्यक्षों में तारा भण्डारी, रामनारायण मीणा और राव राजेन्द्र सिंह का विशेष सम्मान किया जाएगा। 1952 में पहली निर्वाचित विधानसभा के गठन से लेकर वर्तमान 16वीं विधानसभा तक की लोकतांत्रिक यात्रा का उत्सव मनाने के उद्देश्य से सभी पूर्व एवं वर्तमान विधायकों को आमंत्रित किया गया है। 6 बार या अधिक जीते इन विधायकों का अभिनंदन कार्यक्रम में 6 या अधिक बार जीते पूर्व और वर्तमान विधायकों का सम्मान किया जाएगा। पूर्व विधायकों में 96 वर्षीय वरिष्ठतम पूर्व विधायक सुमित्रा सिंह (9 बार), पंजाब के राज्यपाल गुलाब चन्द कटारिया (8 बार), प्रद्युम्न सिंह (8 बार), नारायण सिंह (7 बार), देवी सिंह भाटी (7 बार), राजेन्द्र राठौड़ (7 बार), घनश्याम तिवाड़ी (6 बार), हेमाराम चौधरी (6 बार), और डॉ. बीडी कल्ला (6 बार) सहित 14 दिग्गजों को सम्मानित किया जाएगा। वर्तमान विधायकों में कालीचरण सराफ (8 बार), डॉ. दयाराम परमार (7 बार), प्रताप सिंह सिंघवी (7 बार) के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (6 बार), वसुंधरा राजे (6 बार), कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा (6 बार) और मदन दिलावर (6 बार), पुष्पेंद्रसिंह बाली सहित 10 वर्तमान विधायकों का अभिनंदन होगा। अंतिम सत्र में 23 ऐतिहासिक कानूनों पर विशेष मंथन होगा अंतिम सत्र में राजस्थान विधानसभा द्वारा 75 साल में पारित किए कानूनों में से चुने गए विशेष 23 कानूनों पर मंथन होगा। ऐतिहासिक राजस्थान भूमि सुधार एवं जागीर पुनर्ग्रहण अधिनियम (1952), राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम (1973), सूचना का अधिकार अधिनियम (2001), गिग कर्मकार अधिनियम (2023) और हाल ही में पारित कोचिंग सेंटर नियंत्रण एवं विनियमन अधिनियम (2025) तथा विधि विरुद्ध धर्म-संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (2025) जैसे कानून शामिल हैं। 100 साल के पूर्व विधायक पंडित रामकिशन को बुलाया
महोत्सव में राजस्थान के एक मात्र 100 वर्षीय जीवित पूर्व विधायक को आमंत्रित किया है। वरिष्ठ समाजवादी नेता एवं पूर्व विधायक पंडित रामकिशन भरतपुर भी अपने अनुभव साझा करेंगे। समापन सत्र में देश के उपराष्ट्रपति मुख्य अतिथि होंगे। रोचक एक सत्र गहलोत और एक वसुंधरा राजे संचालित करेंगी
विधानसभा की तरफ से 2 सत्र दो पूर्व सीएम आयोजित करेंगे। महोत्सव के दूसरे सत्र का संचालन पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत करेंगे। जबकि तीसरे और अंतिम सत्र का संचालन पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे करेंगी।