मध्यप्रदेश सरकार के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के ब्रांड एंबेसेडर और 'ट्री मैन ऑफ इंडिया' के नाम से प्रसिद्ध टोंक के पर्यावरण प्रेमी विष्णु लांबा ने भगवान महाकाल की 50 किलोमीटर लंबी दंडवत यात्रा पूरी कर सवा लाख बिल्व (बेल) के पौधे लगाने के अभियान की शुरुआत की। लांबा ने उज्जैन सीमा से तीन दिन तक दंडवत यात्रा करते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। यात्रा के दौरान वे पूरे समय अपने हाथ में बिल्व का पौधा लेकर चले और महाकाल की धरती पर पहला पौधा रोपकर अभियान का शुभारंभ किया। विष्णु लांबा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से प्रेरित होकर अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण और पौधों के संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। मंदिर प्रशासन ने भी किया सम्मानित टोंक जिले के लाम्बा गांव निवासी विष्णु लांबा सालों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। वे मध्यप्रदेश शासन के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के ब्रांड एंबेसडर भी रह चुके हैं। उनके सहयोग से इंदौर में 12 घंटे के भीतर 12 लाख पौधे लगाने का विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चल रहे पर्यावरण संरक्षण अभियानों से प्रेरित होकर उन्होंने महाकाल की दंडवत यात्रा के माध्यम से हरित चेतना का संदेश दिया। उज्जैन पहुंचने पर पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। महाकाल मंदिर पहुंचकर उन्होंने मंदिर के पुजारी को बिल्व का पौधा भेंट किया, जबकि मंदिर प्रशासन ने भी उनका सम्मान किया। इस अवसर पर विष्णु लांबा ने श्रद्धालुओं और नागरिकों से अपील की कि भगवान शिव की तरह प्रकृति के प्रति सम्मान का भाव अपनाएं और कम से कम एक बिल्व का पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु भगवान शिव को समर्पित एक बिल्व का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाए। इनपुट: संजय सेन, बनेठा