भास्कर न्यूज | प्रतापगढ़ अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। अरनोद थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एमडी (मेफेड्रोन) बनाने में इस्तेमाल होने वाला 7.387 किलोग्राम प्रतिबंधित केमिकल पाउडर और 5 ग्राम तैयार एमडी जब्त की है। पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के दौरान आरोपी आबिद खान, निवासी नौगांवा को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा इस केमिकल को प्रतिबंधित श्रेणी में डालने के बाद जिले में अपनी तरह का पहला मामला है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी केवल नशा बेचता ही नहीं था, बल्कि अपने खेत पर बने कुएं को एक सुरक्षित ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल कर वहां ड्रग्स का निर्माण भी करता था। संकेत मिले हैं कि इस काम में परिवार के अन्य सदस्य भी सहयोग करते थे। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि यह केमिकल आरोपी तक कहां से पहुंच रहा था और तैयार माल की सप्लाई कहां की जा रही थी। सीआई शिवलाल मीणा के अनुसार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आबिद खान अपने नौगांवा स्थित खेत और कुएं पर परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर एमडी तैयार करता है। पुष्टि होने पर अरनोद पुलिस और डीएसटी ने कुएं पर घेराबंदी कर तलाशी ली। इस दौरान कुएं के पास बने पानी के हौज के ऊपर रखे पत्तों को हटाया तो वहां एक प्लास्टिक का कट्टा मिला। इस कट्टे के अंदर रखी प्लास्टिक की थैली में 7 किलो 387 ग्राम सफेद रंग का चमकीला 2-ब्रोमो- 4-मिथाईलप्रोपिओफेनोन केमिकल पाउडर बरामद हुआ। साथ ही मौके से 5 ग्राम एमडी भी बरामद की, जिसे पुलिस ने तुरंत जब्त कर लिया। कार्रवाई की खास बात यह है कि भारत सरकार ने 11 मार्च 2026 को गजट नोटिफिकेशन जारी कर 2-ब्रोमो- 4- मिथालप्रोपिओफेनोन' को एनडीपीएस एक्ट (मादक द्रव्य एवं मन: प्रभावी पदार्थ) की श्रेणी में शामिल किया था। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद प्रतापगढ़ जिले में इस प्रतिबंधित केमिकल की जब्ती की यह पहली कार्रवाई है।