मंगरोप ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 में 21 पात्र परिवारों को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। इन पट्टों के मिलने से सालों से आवासीय भूमि पर वैधानिक अधिकार का इंतजार कर रहे परिवारों का सपना साकार हुआ। पट्टे मिलते ही लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई परिवारों ने इसे अपने जीवन का यादगार दिन बताया और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। आवासीय पट्टा मिलने से इन परिवारों को न केवल कानूनी अधिकार मिला है, बल्कि भविष्य की सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का भी आधार प्राप्त हुआ है। जिन लाभार्थियों को आवासीय पट्टे प्रदान किए गए, उनमें सत्यनारायण माली, मांगीलाल कोल, श्यामसुंदर, लाली देवी, उर्मिला मालवी, नारायणलाल, देवचंद गाड़री, कालूलाल गाड़री, गली देवी, खेतूलाल, फूली देवी, रेखा देवी, कमला देवी, रामलाल गाड़री, रूपाबाई, मनोज कुमार, केसरमल कुम्हार, इकबाल मेवाती, हंसा देवी गाड़री, जाफर मोहम्मद और कालूलाल कुम्हार शामिल हैं। इस मौके पर खंड अधिकारी झंवरलाल मित्तल, तहसीलदार भंवरलाल सेन, विकास अधिकारी जितेंद्र गुरू, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी निजामुद्दीन नीलगर, ग्राम विकास अधिकारी रामभंवर सिंह, श्रीमती अलका हींगड़, भू-अभिलेख निरीक्षक एवं पटवारी चंद्रप्रकाश सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। यह आवासीय पट्टा वितरण प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण बना। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। शिविर के दौरान मंगरोप संघर्ष समिति ने श्मशान घाट के लिए 5 बीघा भूमि आरक्षित करने की मांग भी रखी।