डीडवाना-कुचामन जिले के मारोठ थाना क्षेत्र में हुए जानलेवा हमले के मामले में 14 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पुलिस प्रशासन को 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 20 अप्रैल तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो नावा उपखंड कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना और महापड़ाव शुरू किया जाएगा। ज्ञापन के अनुसार यह घटना 4 अप्रैल की रात करीब 9:15 बजे हुई थी। भीवपुरा निवासी शिशपाल और रामकुमार अपने वाहन से घर लौट रहे थे, तभी गांव के कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि राजेंद्र लुहाच, हरेंद्र कुमार, राकेश और गजेंद्र सहित अन्य लोगों ने हथियारों से हमला कर शिशपाल को गंभीर रूप से घायल कर दिया। मरा हुआ समझकर भाग गए थे आरोपी हमले में शिशपाल के सिर में गहरी चोटें आईं और पैर में 2 फ्रैक्चर हो गए। आरोपी शिशपाल को मृत समझकर मौके से फरार हो गए। वर्तमान में शिशपाल जयपुर के एक अस्पताल में उपचाराधीन हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के अगले दिन 5 अप्रैल को ही मारोठ थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई थी और मेडिकल जांच भी हो चुकी है। इसके बावजूद पुलिस ने अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि कथित तौर पर राजनीतिक दबाव या अन्य कारणों से कार्रवाई में देरी की जा रही है। आरोपियों के खुलेआम घूमने और गवाहों को धमकाने से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। भीवपुरा और ठिकरिया खुर्द के ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो 20 अप्रैल से नावा उपखंड कार्यालय के समक्ष आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।