प्रदेश की कानून व्यवस्था और अपराध कंट्रोल को लेकर सोमवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को खूब फटकार लगाई। सीएम ने पुलिस अफसरों को सीधी चेतावनी दी कि अब किसी जिले में अपराध हुआ तो उसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित आईजी और एसपी की मानी जाएगी। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग व पुलिस अधिकारियों को दो टूक कहा कि प्रदेश में अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराधियों के खिलाफ ऐसी प्रभावी और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे बदमाशों की रूह कांप उठे। गोगुंदा में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण के मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी को नोटिस भी जारी किया गया। उन्होंने अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर में हाल में हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। मुख्यमंत्री बोले कि सभी रेंज आईजी और पुलिस अधीक्षक एनडीपीएस, गैंगस्टर और संगठित अपराध के मामलों की खुद मॉनिटरिंग करें। नतीजे नहीं आए तो जवाबदेही तय होगी। प्रदेश के मुखिया एक-एक एसपी से अपराधों पर सवाल पूछते रहे, अफसर निरुत्तर रह गए 6 महीने के अखबार देखकर सवाल-जवाब : कानून-व्यवस्था बैठक के दौरान सीएम भजन लाल ने पिछले 6 माह में अखबार में छपी खबरों के आधार संबंधित जिलों के एसपी और आईजी से सवाल किए। भरतपुर एसपी से बोले-आधे घंटे में क्यों नहीं पकड़े अपराधी? : इस दौरान उन्होंने भरतपुर में हाल ही में व्यापारियों पर हुई फायरिंग के मामले में एसपी से सवाल पूछा तो जवाब मिला कि हमने 24 घंटे में अपराधियों को पकड़ लिया। इस पर सीएम बोले वारदात क्यों हुई और आधे घंटे में क्यों नही पकड़े गए। साइबर क्राइम में देशभर में बदनामी करा रहे अलवर-डीग : इसके बाद अलवर और डीग जिला एसपी से दोनों में बढ़ते साइबर ठगों पर सवाल करते हुए पूछा, कार्रवाई क्यों नहीं करते। दोनों जिले राष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी में आगे चल रहे हैं, दोनों जिलों की वजह से राजस्थान की राष्ट्रीय स्तर पर साख खराब हो रही है। सवाईमाधोपुर के कलेक्टर-एसपी मिलकर रोकें अवैध खनन : अवैध खनन पर चर्चा के दौरान सीएम ने सवाई माधोपुर कलेक्टर-एसपी को मिलकर खनन रोकने की बात कही और साथी सवाई माधोपुर एसडीएम ऑफिस के पास पड़ी बजरी को तुरंत डिस्पोज करने के निर्देश दिए।