पिछले चार दिनों से 44-45 डिग्री के प्रचंड पारे और झुलसाती लू से बेहाल बीकानेरवासियों को सोमवार शाम कुदरत ने बड़ी राहत दी। सुबह से ही जेठ जैसी तपिश और आग उगलती किरणों के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त था और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन शाम सवा पांच बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। धूल की आंधी के साथ आसमान में काले बादल उमड़ पड़े। आंधी के बाद बारिश ने मरुधरा का नजारा ही बदल दिया। इस दौरान श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे तापमान में एकाएक गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक 45° दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2.3 डिग्री ज्यादा 28.2° रहा। बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं के चलते पिछले कई दिनों से घरों में कैद शहरवासी महसूस किया। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में तेज बारिश के साथ ओले गिरे श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में कुदरत का अलग ही रूप देखने को मिला। वहां आंधी के साथ न केवल तेज बारिश हुई बल्कि जमकर ओले भी गिरे। ओलावृष्टि से धरती पर सफेद चादर बिछ गई। जिससे इलाके में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। श्रीडूंगरगढ़ के साथ लूणकरणसर, महाजन समेत तमाम ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं हलकी बूंदाबांदी तो कहीं धूल भरी हवाएं चली। बीकानेर शहर में शाम साढ़े पांच बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। रात का तापमान भी गिरकर 28.2 डिग्री के करीब पहुंच गया जो झुलसती गर्मी के बाद एक बड़ी राहत बनकर आया। आगे क्या - 48 घंटे तक रहेगा असर मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आए इस बदलाव का असर अगले 48 घंटों तक बना रह सकता है, जिससे शाम के समय ठंडी हवाएं चलने और बादलों की आवाजाही की संभावना है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दोपहर के समय सूरज की तपिश और नमी के कारण बढ़ने वाली उमस अभी परेशान करेगी। भले ही तापमान में 2 से 3 डिग्री की मामूली गिरावट हो, लेकिन दिन के समय सावधानी बरतनी जरूरी है।