रेगिस्तान के धोरों में गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। इन दिनों सूरज के तीखे तेवर से आग बरस रही है। सुबह 10 बजे से ही सड़कें विरान होने लगती है। सोमवार को बाड़मेर का पारा 46 डिग्री दर्ज किया गया।हालांकि गर्म हवा लू का प्रकोप ज्यादा रहा। इससे लोग दिनभर आग भट्टी की तरह तपते रहे। भीषण गर्मी का असर आमजन के साथ पशुधन पर भी देखने को मिल रहा है। ग्रामीण इलाकों में पेयजल को ​लेकर किल्लत शुरू हो गई। वहीं शादियों की सीजन होने के साथ ही भीषण गर्मी ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। मौसम विभााग ने आगामी तीन दिन तक हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को दिनभर चली गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया। वातावरण में बढ़ी तपिश के कारण लोग घरों और दफ्तरों में कैद होने को मजबूर हुए। भीषण गर्मी का सबसे गहरा असर आमजन के साथ-साथ पशुधन पर भी पड़ रहा है। ग्रामीण अंचलों में मवेशियों के लिए चारे और पानी का संकट गहरा गया है। चिलचिलाती धूप के कारण दोपहर के समय अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी रहती है। भीषण गर्मी में दोपहर 12 बजे भी कई स्कूलों में छोटे बच्चों की क्लासें लग रही है। इससे बच्चों को भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ रहा है। सोमवार को प्रदेश में सबसे गर्म जैसलमेर 46.4 और बाड़मेर 46 डिग्री गर्म रहा। आगामी दिनों में तापमान बढ़ने से गर्मी का असर भी बढ़ने की संभावना है। बाड़मेर. बलाऊ गांव में भीषण गर्मी में कुम्मट के पेड़ की छितराई छांव में कुछ राहत की आस से बैठे लोग। बाड़मेर में मंगलवार को पारा 46 डिग्री पहुंचा गया। मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, जिसमें तापमान 47 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई है। आगामी चार दिन तक गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। दिन के साथ-साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं, जहां न्यूनतम तापमान 31 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, जिससे रात में भी चैन मिलना मुश्किल होगा। चुनौती: पेयजल का संकट गहराया,शादियों के आयोजन को लेकर परेशानी बढ़ी गर्मी के परवान चढ़ते ही बाड़मेर के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की भारी किल्लत शुरू हो गई है। ढाणियों में रहने वाले लोग पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं। दूसरी ओर वर्तमान में शादियों का सीजन होने के कारण परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिन के समय होने वाले मांगलिक कार्यक्रमों में गर्मी और लू के कारण मेहमानों की आवाजाही कम हो गई है, वहीं आयोजन स्थलों पर कूलिंग के इंतजाम भी फेल साबित हो रहे हैं। चुनौती: पेयजल का संकट गहराया,शादियों के आयोजन को लेकर परेशानी बढ़ी गर्मी के परवान चढ़ते ही बाड़मेर के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की भारी किल्लत शुरू हो गई है। ढाणियों में रहने वाले लोग पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं। दूसरी ओर वर्तमान में शादियों का सीजन होने के कारण परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिन के समय होने वाले मांगलिक कार्यक्रमों में गर्मी और लू के कारण मेहमानों की आवाजाही कम हो गई है, वहीं आयोजन स्थलों पर कूलिंग के इंतजाम भी फेल साबित हो रहे हैं। आगे क्या - अगले 4 दिन चलेगी हीटवेव, गर्मी से राहत नहीं मिलेगी बाड़मेर में मंगलवार को पारा 46 डिग्री पहुंचा गया। मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, जिसमें तापमान 47 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई है। आगामी चार दिन तक गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। दिन के साथ-साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं, जहां न्यूनतम तापमान 31 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, जिससे रात में भी चैन मिलना मुश्किल होगा।