मेवाड़ यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री के जरिए RPSC में नौकरी पाने के मामले में एक और गिरफ्तार हुई है। अजमेर SOG ने अब मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रेसिडेंट को गिरफ्तार किया है। इससे पहले पूर्व डीन ध्वज कीर्ति शर्मा को पकड़ा गया था, जिनसे पूछताछ के बाद पूर्व प्रेसिडेंट को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई एसओजी के एडिशनल एसपी श्याम सुंदर बिश्नोई के नेतृत्व में की गई है। मामले में पूर्व में 11 आरोपी अरेस्ट किए जा चुके हैं। कमीशन पर काम करता था पूर्व प्रेसिडेंट जानकारी अनुसार मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रेसिडेंट कौशल किशोर चन्द्रुल को जयपुर से पकड़कर कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फर्जी डिग्री पर जो आखिरी में साइन हुआ करते थे, वह कौशल किशोर के ही हुआ करते थे। आरोपी कमीशन पर काम किया करता था। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी अजमेर के सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज है। दो युवतियों को दी थी एमए की फर्जी डिग्री लोकसेवा आयोग ने SOG को शिकायत की थी। आयोग ने बताया था कि स्कूल लेक्चरर (हिन्दी) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में मेरिट हासिल करने वाली भूतेल (सांचौर) निवासी ब्रह्मा कुमारी पुत्री बाबूलाल और वाडा भावड़ी (सांचौर) निवासी कमला कुमारी पुत्री भारमल विश्नोई ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी की डिग्री पेश की है, जबकि आवेदन करते समय वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय से डिग्री लेना बताया था। जांच के बाद दोनों छात्राओं को गिरफ्तार किया गया। उनसे पूछताछ में सामने आया था कि उन्हें एमए की फर्जी डिग्रियां उनके भाइयों ने लाकर दी थी। इस पर SOG ने सरकारी टीचर दलपत सिंह और डॉक्टर सुरेश बिश्नोई को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसओजी ने अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था।