राज्य में मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध अस्पतालों में दस साल से अधिक के उपकरणों की खरीद के लिए चिकित्सा मंत्री का अनुमोदन लेना जरूरी है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय से जारी इस आदेश के बाद एसपी मेडिकल कॉलेज ने करीब तीन करोड़ की खरीद के प्रस्ताव चिकित्सा मंत्री को भेजे हैं। दरअसल चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को राज्य में मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध अस्पतालों में दस साल से अधिक के उपकरण और सेवाओं की खरीद के लिए एसओपी जारी की थी। इसे लेकर पिछले महीने चिकित्सा शिक्षा निदेशालय से आयुक्त बाबूलाल गोयल ने बीकानेर सहित जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर और कोटा मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल एवं नियंत्रक को आदेश जारी कर दिए। यह आदेश वित्तीय वर्ष 2026-27 में उपकरण की खरीद पर लागू किए गए हैं। इस आदेश से सभी मेडिकल कॉलेजों में उपकरणों की खरीद प्रक्रिया को झटका लगा है। बीकानेर के एसपी मेडिकल कॉलेज में विभिन्न विभागों के लिए करीब तीन करोड़ के उपकरणों की खरीद होनी थी, लेकिन एन वक्त पर आदेश जारी होने से प्रक्रिया रोकनी पड़ी। हालांकि डीएमई के इस आदेश से मेडिकल कॉलेजों में खलबली मची हुई है। भास्कर एनालिसिस - एसओपी से खरीद प्रक्रिया में देरी, पर सरकार की नजर रहेगी “चिकित्सा मंत्री की एसओपी की पालना में सभी मेडिकल कॉलेजों को आदेश जारी किए गए हैं। आगे की कार्यवाही भी मंत्री के दिशा-निर्देशों के तहत ही होगी।” -बाबूलाल गोयल, आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा निदेशालय “हमें तीन करोड़ के उपकरणों की खरीद करनी है। मरीजों के लिए उनकी जरूरत है। आयुक्त का आदेश होने पर चिकित्सा मंत्री को अनुमोदन के लिए लिखा गया है।” -डॉ. सुरेंद्र वर्मा, प्रिंसिपल, एसपी मेडिकल कॉलेज