जैसलमेर में सीमावर्ती क्षेत्र मोहनगढ़ में प्रशासन ने 'ऑपरेशन क्लीन' चलाया। इसके तहत प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार को अवैध निर्माण को लेकर बड़ी कार्रवाई की। भारी संख्या में पुलिस जाब्ता पहुंचा। टीम ने सड़क किनारे बनी करीब 12 अवैध दुकानों पर बुलडोजर चलाकर गिराया। इसके साथ ही पाखा माइनर के पास अवैध रूप से बने एक धार्मिक स्थल पर भी कार्रवाई की गई। 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत हुई कार्रवाई हालांकि, शुक्रवार को ही ऑपरेशन क्लीन मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे लोगों को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने आदेश दिया है कि अगले दो हफ्ते तक धार्मिक स्थलों के खिलाफ किसी भी तरह की सख्ती या कार्रवाई न की जाए। वकील ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका (818/2026) वापस लेने की अनुमति मांगी, ताकि वे इस मामले को राजस्थान हाईकोर्ट में ले जा सकें। अब यह राजस्थान हाईकोर्ट पर निर्भर करेगा कि वह इस मामले के तथ्यों के आधार पर क्या फैसला सुनाता है। अवैध रूप से पक्की दुकानें बना ली थी जानकारी के अनुसार, मोहनगढ़ के पीटीएम इलाके में आने वाले 7 टीडी और 60 पीडी क्षेत्र में लंबे समय से सड़क किनारे अवैध रूप से पक्की दुकानें बना ली गई थीं। यह इलाका पाकिस्तान बॉर्डर के काफी करीब है। इस वजह से बाहरी लोगों और अवैध कब्जों पर प्रशासन की सख्त नजर रहती है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शुक्रवार शाम को यह अभियान चलाया गया। अब ढाबों और दुकानों पर नजर इस कार्रवाई के बाद अब प्रशासन की नजर मोहनगढ़ तहसील के अन्य ग्रामीण इलाकों और बॉर्डर को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों पर है। राजस्व विभाग की टीम ने सड़क किनारे बने अवैध ढाबों, दुकानों और अन्य पक्के निर्माणों की पहचान कर ली है। जल्द ही इन सभी लोगों को नोटिस भेजकर खुद ही कब्जा हटाने के निर्देश दिए जाएंगे। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज होगा प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। चेतावनी दी गई है कि अगर किसी ने भी सरकारी जमीन, गोचर भूमि या सड़क की सीमा में दोबारा पक्का निर्माण करने की कोशिश की, तो न केवल उस निर्माण को बुलडोजर से तोड़ा जाएगा, बल्कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।