भास्कर संवाददाता | टोंक टोंक जिले में मानसून पिछले एक सप्ताह से लगभग ठहर-सा गया है। बारिश का डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद जिले में अब तक सामान्य वर्षा का 20 प्रतिशत आंकड़ा भी नहीं छू पाया है। आसमान में रोजाना आंशिक बादल छाने से बारिश की उम्मीद तो बनती है, लेकिन बादल बिना बरसे लौट रहे हैं। इससे उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है और दिनभर लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार आगामी सप्ताह बारिश, आंधी का यलो अलर्ट जारी किया गया है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 15 जून से अब तक जिले में केवल 116.4 एमएम वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत वर्षा का महज 17.72 प्रतिशत है। बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों की बुवाई और बढ़वार प्रभावित होने लगी है, वहीं जल स्रोतों में भी अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो सकी है। जिले की जीवनरेखा माने जाने वाले बीसलपुर बांध के जलस्तर में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जयपुर, अजमेर और टोंक को प्रतिदिन हो रही पेयजल आपूर्ति के कारण बांध का गेज रोजाना करीब एक से डेढ़ सेंटीमीटर कम हो रहा है। मानसून शुरू होने से पहले बांध का जलस्तर 313.49 आरएल मीटर था, जो जुलाई के शुरुआती दौर की बारिश के बाद बढ़कर 313.71 आरएल मीटर तक पहुंच गया था। हालांकि बारिश थमने के बाद अब इसमें चार सेंटीमीटर से अधिक की गिरावट दर्ज हो चुकी है। राहत की बात यह है कि वर्तमान जल भंडारण अगले वर्ष तक तीनों शहरों की पेयजल आवश्यकता पूरी करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार टोंक में 18 जुलाई तक आंशिक बादल बने रहेंगे। 19 जुलाई से हल्की बारिश या बूंदाबांदी तथा 20 से 22 जुलाई के बीच गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है, तो मानसून फिर से सक्रिय होकर जिले को राहत दे सकता है।