प्रियंक भट्ट | बांसवाड़ा प्रदेश में किसानों पर एक और मार पड़ी है। मौसम के कारण पहले तो गेहूं की फसल बिगड़ गई, गेहूं के दाने की गुणवत्ता गिर गई। फिर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन पिछले 23 दिन में प्रदेश के ज्यादातर केंद्रों पर एक दाना भी नहीं खरीदा जा सका। अब सरकार ने खरीद की अवधि घटा दी है। खरीद अब 30 जून के बजाय 31 मई तक ही होगी। प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान गेहूं के सैंपल लेकर जांच कराने खरीद केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। लेकिन ज्यादातर केंद्रों पर गेहूं की खरीद अब तक शून्य ही है। इसी बीच खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने आदेश जारी कर खरीद की अवधि घटा दी है। जबकि 16 मार्च से खरीद प्रक्रिया शुरू करने के बाद 23 दिन में कई केंद्र खरीद ही शुरू नहीं कर पाए। किसानों की चिंता है कि अभी प्रदेश के विभिन्न जिलों में बारिश हो रही है। कई जगह गेहूं की फसल खेत में कटी पड़ी है। कई जगह फसल काटकर खेत से तो उठा ली लेकिन पर्याप्त जगह नहीं होने से गेहूं खुले आंगन में पड़े हैं। ऐसे में गेहूं भीगने का खतरा है। भीगने से बचा भी लेंगे तो गेहूं के नमी पकड़ने का डर है। ऐसे में गुणवत्ता में गेहूं पूरी तरह फेल होने की आशंका बढ़ जाएगी। एजेंसी केंद्र खरीद लक्ष्य (मीट्रिक टन) एफसीआई 175 935558 राजफेड 111 227614 तिलम संघ 64 382510 नेफेड 69 211605 एनसीसीएफ 38 46474 आरएसएफसीएससी 14 296239