नगर निगम बीकानेर की पहली साधारण सभा की बैठक शुक्रवार को जबरदस्त हंगामे, नारेबाजी और तीखी बहसों की भेंट चढ़ती नजर आई। बैठक की शुरुआत में ही वंदे मातरम् पूरा न बजने पर भाजपा पार्षद उम्मेद सिंह राजपुरोहित उप महापौर की टेबल तक पहुंच गए और जमकर बवाल काटा। उन्होंने कहा वंदे मातरम् 3.10 मिनट की जगह 2.14 मिनट ही बजा। अंत में राष्ट्रगीत जन गण मन सभी पार्षदों ने एक सुर में गाया। इसके बाद वार्डों में 100-100 स्ट्रीट लाइटें लगाने की समय सीमा और टेंडर प्रक्रिया पर जब निगम आयुक्त सिद्धार्थ ने कोशिश की जाएगी का टालमटोल भरा जवाब दिया, तो पार्षद श्याम सिंह, दुर्गादास छंगाणी और धर्मवीर नाहटा सहित कई पार्षद भड़क गए। पार्षदों ने आयुक्त और प्रशासनिक अधिकारियों पर जिम्मेदारी से भागने तथा ढुलमुल रवैया अपनाने का सीधा आरोप लगाते हुए खरी-खोटी सुनाई। अधिकारियों की हीलाहवाली के बीच नालों पर अवैध पट्टों व अतिक्रमण के मुद्दे पर पार्षद अब्दुल वाहिद ने भी मोर्चा खोला। हालांकि, इस जोरदार हंगामे और प्रशासनिक खिंचाई के केंद्र में शहर की बदहाल सफाई और बंद पड़ी लाइटों का मुख्य मुद्दा ही रहा। दिलचस्प बात यह रही कि अधिकारियों के रवैये के खिलाफ पक्ष और विपक्ष के पार्षद एकजुट दिखे। आखिरकार महापौर अनिल कल्ला द्वारा हस्तक्षेप करने, 22 अक्टूबर से 10 दिवसीय विशेष सफाई अभियान चलाने तथा पार्षदों की मांग पर 100-100 नई स्ट्रीट लाइटें देने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ और विकास के प्रस्तावों पर सहमति बनी। पार्षदों ने उठाए जनहित के मुद्दे बाजार में खासकर महिलाओं के लिए यूरिनल्स का मुद्दा: सपना मारू और नसीमा बानो ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने डाकघर के पास और तोलियासर भैंरूजी की गली में यूरिनल बनाने की मांग रखी। भगवती प्रसाद गौड़ ने कहा कि निगम क्षेत्र के सारे शौचालय गंदे रहते हैं। पुनीत शर्मा ने बताया कि नागणेची मंदिर के सामने वाला शौचालय निर्माण के बाद से ही बंद पड़ा है। सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की मांग: पार्षद चेतना डोटासरा ने दिवाली पर वार्डों में अतिरिक्त सफाई कर्मी नियुक्त करने की मांग रखी। डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि त्यौहारी सीजन को देखते हुए वार्डों में सफाई, रोशनी, नाले, सीवर और निराश्रित पशुओं के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। विनोद धवल ने कांता कथूरिया कॉलोनी, शिवबाड़ी और पटेल नगर की पुरानी खदानों को भरने की मांग रखी। वहीं, अब्दुल वाहिद ने अवैध कब्जों का मुद्दा उठाया। "एजेंडे में रखे गए सभी मुद्दे कॉमन थे। पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने ध्वनिमत से सभी प्रस्तावों का समर्थन किया है। दलगत नीति से ऊपर उठकर सोचने से ही वार्डों का विकास संभव होगा। घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था माकूल नहीं है। फर्म पर पेनल्टी लगाने के लिए आयुक्त को कहा गया है।" — अनिल कल्ला, महापौर साधारण सभा के प्रमुख मुद्दे और पारित प्रस्ताव शहर के सभी 80 वार्डों में पार्षदों की अनुशंसा पर 100-100 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। आगामी त्योहारों को देखते हुए 22 अक्टूबर से पूरे शहर में विशेष सफाई अभियान चलेगा। संकरी गलियों में आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए किराए पर छोटे अग्निशमन वाहनोंऔर पानी के टैंकरों की व्यवस्था का प्रस्ताव पारित किया गया। सफाई में लापरवाही बरतने वाली ठेका कंपनियों पर जुर्माना लगाने और उनकी धरोहर राशि से भरपाई करने का फैसला हुआ। पार्षदों के फोन न उठाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा अनुबंध निरस्त करने का सख्त प्रस्ताव सदन में रखा गया। अयोध्या में शहीद हुए कोठारी बंधुओं, स्व. रामेश्वर जी डूडी, स्व. माणिक चंद सुराणा, स्व. महेंद्र सिंह भाटी, डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी, स्व. मक्खन जोशी, स्व. नंदलाल व्यास, श्योपत सिंह मक्कासर और मनफूल सिंह भादू के नाम पर मार्गों व चौराहों के नामकरण का प्रस्ताव सदन में रखा गया। वंदे मातरम् के सभी 6 छंद गाना अनिवार्य नहीं भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण की नीति के तहत राष्ट्र गीत के दो छंद ही अनिवार्य किए। वहीं कांग्रेस का कहना है कि ये फैसला राष्ट्रीय एकता के हित में लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्र गीत के 2 ही छंद गाना पर्याप्त है। यदि कोई व्यक्ति धार्मिक या अंतरात्मा के कारणों से नहीं भी गाता है तो उसके खिलाफ कोई आपराधिक या दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।