समर्थन मूल्य पर सरसों और चने की खरीद बुधवार से शुरू हुई। जिले में 30 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। टोंक कृषि उपज मंडी परिसर और सोहेला मंडी में क्रय-विक्रय सहकारी समिति की ओर से खरीद होगी। बुधवार को केवीएसएस चेयरमेन उमराव सिंह सोलंकी, कन्हैया लाल पारीक, रामबाबू वर्मा, हनुमान यादव, गणेश सिरोठा, रामधन जाट, ताहिर अहमद, मुकेश, कैलाश ने कांटे की पूजा-अर्चना कर खरीद केंद्र की शुरुआत की। पहले दिन किसी केंद्र पर किसान जिंस लेकर नहीं पहुंचा। सहकारी समिति के उप रजिस्ट्रार रवींद्र सिंह यादव ने बताया, केंद्र सरकार ने सरसों का समर्थन मूल्य 6200 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। चने का समर्थन मूल्य 5875 रुपए प्रति क्विंटल है। खरीद प्रक्रिया एनसीसीएफ के माध्यम से होगी। पंजीकरण के बाद 60 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। किसानों से समय पर पंजीकरण कराने को कहा गया है। पंजीकरण क्यूआर कोड स्कैन कर किया जा सकता है। ई-मित्र केंद्र से भी पंजीकरण होगा। खरीद के दौरान आधार आधारित बायोमेट्रिक पहचान जरूरी रहेगी। टोंक मंडी में खुली बोली में सरसों के भाव समर्थन मूल्य से ज्यादा चल रहे हैं। बुधवार को मंडी में करीब 4 हजार कट्टे सरसों की आवक हुई। भाव 6839 से 7021 रुपए प्रति क्विंटल रहा। इसी वजह से किसानों का रुझान सरकारी कांटे पर कम है। किसान खुली बोली में बेच रहे हैं।