नागौर की बासनी पुलिया पर लगा सांकेतिक बोर्ड लंबे समय से क्षतिग्रस्त हालत में खड़ा है। बोर्ड का एक हिस्सा उखड़ चुका है और वह केवल लोहे के फ्रेम के सहारे टिका हुआ है। बारिश के मौसम में चल रही तेज हवाओं और अंधड़ के बीच इसके कभी भी नीचे गिरने की आशंका बनी हुई है। ऐसा होने पर पुलिया के नीचे बनी सर्विस रोड से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ा हादसा हो सकता है। बासनी पुलिया शहर के व्यस्त मार्गों में शामिल है। यहां दिनभर दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ पैदल लोगों की आवाजाही रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बोर्ड कई दिनों से इसी हालत में है, लेकिन नगर परिषद ने अब तक न तो इसे हटाया है और न ही इसकी मरम्मत करवाई है। ऐसे में लोगों को लग रहा है कि जिम्मेदार विभाग किसी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग से नगर परिषद, प्रशासन और अन्य विभागों के अधिकारियों का रोजाना आना-जाना रहता है। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त बोर्ड पर किसी अधिकारी या कर्मचारी की नजर नहीं पड़ी, या फिर नजर पड़ने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे नगर परिषद की नियमित निगरानी व्यवस्था और रखरखाव के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बारिश और तेज हवाओं का दौर अभी जारी है। ऐसे में यदि बोर्ड गिरता है तो किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने या जानमाल के नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से बोर्ड को तुरंत हटाने या सुरक्षित तरीके से दोबारा स्थापित करने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले ही खतरे को टाला जा सके।