नागौर के हरिमा में पिछले 35 दिनों से सीमेंट कंपनियों के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच आज सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी 21 सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। लम्बे समय से आंदोलनरत ग्रामीण सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए आज ट्रेक्टर रैली के जरिए ग्रामीण नागौर मुख्यालय पहुंचे। पूर्व विधायक बोले- सीमेंट कंपनियां तानाशाही कर रही इस अवसर पर पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि नागौर में सक्रिय सीमेंट कंपनियां तानाशाही पूर्ण रवैया अपना रही हैं। ये कंपनियां ग्रामीणों की उपजाऊ और डोली जमीनों के साथ-साथ कैचमेंट एरिया, तालाब और गौचर भूमियों पर भी अवैध रूप से कब्जे कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियां सरकारी रास्तों को बंद कर रही हैं और एससी वर्ग के लोगों को डरा-धमकाकर उनकी जमीनें सस्ते में हथिया रही हैं। कहा- प्रशासन की चुप्पी से कंपनियों के हौसले बुलंद ​बेनीवाल ने कहा कि ग्रामीण पिछले एक महीने से अधिक समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की चुप्पी के कारण कंपनियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने दो दिनों के भीतर ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी और किसान संघर्ष समिति मिलकर हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा करेगी। उन्होंने सीमेंट कंपनियों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण और स्थानीय युवाओं को रोजगार न दिए जाने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।