राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर 1 अप्रैल से शुरू हुए 'संगठन बढ़ाओ लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत नागौर जिला कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक जिलाध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में जिला प्रभारी रमेश खंडेलवाल, सह-प्रभारी अनिल बुर्दक और पीसीसी सचिव रघुवेंद्र मिर्धा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य भाजपा सरकार द्वारा निकाय एवं पंचायत चुनावों को बार-बार टालने के विरोध में जनमत तैयार करना और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाना रहा। ​बैठक को संबोधित करते हुए पीसीसी सचिव रघुवेंद्र मिर्धा ने चुनावों में हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समय पर चुनाव न कराना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत और आमजन के अधिकारों का हनन है। मिर्धा ने नागौर के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि जिस धरा से पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश में पंचायती राज की शुरुआत की थी, वहीं पर चुनावी परंपराओं को कमजोर करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जिलाध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा ने बताया कि यह अभियान केवल विरोध नहीं बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प है। इसके तहत प्रत्येक वार्ड और पंचायत स्तर पर जनसंपर्क कर 21 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। ​नागौर प्रभारी रमेश खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दमन कर रही है, जिसका जवाब जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करके दिया जाएगा। पूर्व मंत्री मंजू देवी मेघवाल और पूर्व विधायक रामचंद्र जारोड़ा ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हार के डर से सरकार चुनावों से भाग रही है और लोकतांत्रिक परंपराओं पर कुठाराघात कर रही है। बैठक में संगठन को सक्रिय करने और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने पर विस्तार से चर्चा की गई।