नागौर कलेक्टर देवेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को जिला निष्पादक समिति की बैठक में जिले की शिक्षा व्यवस्था की ब्लॉकवार समीक्षा की गई। शाला दर्पण पोर्टल पर जिलेभर के स्कूलों की प्रगति देखकर कलेक्टर ने कम प्रदर्शन वाले ब्लॉकों को सुधार के सख्त निर्देश दिए। बैठक में स्मार्ट क्लासरूम, स्कूलों की मरम्मत और नए सत्र में नामांकन बढ़ाने जैसे मुद्दों पर गहन मंथन हुआ। कलेक्टर ने बताया कि जिले के आठ ब्लॉकों के 490 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में से 443 स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम लैब युक्त हो चुके हैं, लेकिन 147 विद्यालय अब भी इस सुविधा से वंचित हैं। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की समीक्षा में सामने आया कि कक्षा 1 से 5 तक 81 हजार 863 और कक्षा 6 से 8 तक 49 हजार 69 बच्चे योजना से जुड़े हुए हैं। स्कूल भवनों की स्थिति पर चर्चा के दौरान बताया गया कि जिले में 48 विद्यालयों की मेजर रिपेयरिंग स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य प्रस्तावित है, जबकि 3 विद्यालय जर्जर अवस्था में हैं। समग्र शिक्षा के तहत स्वीकृत 61 कार्यों में से 58 विद्यालयों में निर्माण पूरा हो चुका है और 3 में काम प्रगति पर है। इसके अलावा जिले के 1734 स्कूलों में से 1 लाख 34 हजार 379 बच्चों को आधार से लिंक किया जा चुका है। वहीं 729 विद्यालयों में जल कनेक्शन होना अभी बाकी है। कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने नए शैक्षणिक सत्र से नामांकन बढ़ाने के लिए प्रत्येक स्कूल स्तर पर प्रवेशोत्सव आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बृज किशोर शर्मा, प्रा. शिक्षा अधिकारी बाधाराम, माध्यमिक शिक्षा अधिकारी राम प्रताप बिश्नोई, नागौर ब्लॉक बीईओ अनीता बागड़ी, पृथ्वी सिंह, मनोहर लाल, डिस्कॉम एसई अशोक चौधरी, जलदाय विभाग के एसई श्रवण सिंह खिड़िया, सीएमएचओ जुगल किशोर सैनी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।