नागौर जिले के रेण कस्बे की बुजुर्ग बाली मां बाली सोमवार को अपनी शिकायत लेकर जिला कलेक्टर के पास पहुंचीं। उनका आरोप है कि बेटे सुरेश ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाने के नाम पर उनसे और उनकी दोनों बेटियों से जमीन के हकत्याग के दस्तावेजों पर साइन करवा लिए। अब बेटा न उन्हें अपने साथ रखता है और न ही देखभाल करता है। बाली का आरोप है कि खेत में पैदा हुआ बाजरा भी बेटा अपने घर ले गया। उन्होंने प्रशासन से जमीन वापस दिलाने या बेटे को उनकी देखभाल के लिए पाबंद करने की मांग की है। KCC बनवाने के नाम पर जमीन से हकत्याग करवाने का आरोप बाली ने बताया कि पहले वह अपने बेटे सुरेश के साथ रहती थीं। बेटे ने ट्रैक्टर खरीदा था, जिसकी किश्तें बकाया थीं। बैंककर्मी किश्त मांगने के लिए घर आते थे। इसी दौरान बेटे ने उनसे कहा कि उसे खेत पर KCC बनवानी है और इसके लिए जमीन के कागजों पर मां और दोनों बहनों के हस्ताक्षर जरूरी हैं। बाली के अनुसार, बेटे की बात पर उन्होंने अपनी दोनों विवाहित बेटियों भगवती और सुमन को बुलाया। इसके बाद तीनों ने बताए गए कागजों पर हस्ताक्षर कर दिए। उनका आरोप है कि KCC बनवाने की बात कहकर उनसे और उनकी बेटियों से धोखे से जमीन का हकत्याग करवा लिया गया। हालांकि, इस संबंध में दस्तावेजों और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। खेत में बाजरा बोया, फसल भी बेटे ने ले ली बाली ने बताया कि उनका बेटा फिलहाल अपनी पत्नी और बेटे के साथ रेण रेलवे क्वार्टर में रहता है। वह रेण रेलवे स्टेशन पर जमादारी का काम करता है। बाली अभी अपने खेत में रहती हैं। उन्होंने खेती के लिए दूसरे व्यक्ति को जमीन दी थी, जिस पर बाजरे की फसल बोई गई थी। बाली का आरोप है कि फसल तैयार होने के बाद उनका बेटा ट्रैक्टर लेकर आया और पूरी बाजरे की फसल अपने घर ले गया। उनके मुताबिक, खेत में उनके खाने के लिए एक दाना बाजरा भी नहीं छोड़ा गया। अब उनके सामने रोजमर्रा के खर्च और जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है। हार्ट की मरीज, हर महीने दवाइयों पर खर्च होते हैं 1000 रुपए बाली ने बताया कि वह हार्ट की मरीज हैं और उनकी दवाइयों पर हर महीने करीब 1000 रुपए खर्च होते हैं। नियमित आय और बेटे का सहयोग नहीं मिलने से उनके लिए गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनकी ढाणी के पास उनके भतीजे का घर है। भतीजा उनकी देखभाल करता है और उन्हें खाना खिलाता है। दो बार SDM कार्यालय गईं, नहीं हो सकी मुलाकात बाली के अनुसार, वह शिकायत लेकर दो बार मेड़ता SDM कार्यालय गई थीं। लेकिन दोनों बार SDM के चुनाव कार्य से बाहर होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद सोमवार को वह नागौर जिला कलेक्टर के पास पहुंचीं और अपनी समस्या बताकर मदद मांगी। जमीन वापस दिलाने की मांग बाली ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी उम्र, बीमारी और आर्थिक स्थिति को देखते हुए समस्या का समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि बेटे को उन्हें अपने साथ रखकर देखभाल करने के लिए पाबंद किया जाए। यदि बेटा ऐसा नहीं करता है तो उनकी जमीन वापस दिलाई जाए, ताकि वह अपने बुढ़ापे का गुजारा कर सकें। बाली का कहना है कि वह चाहती हैं कि उनके निधन के बाद उनकी जमीन दोनों बेटियों और उनकी सेवा करने वाले व्यक्ति को मिले।