आपके पास टेलीग्राम या वॉट्सएप पर गेमिंग एप के जरिए कमाई का ऑफर आ रहा है, तो सावधान हो जाइए। नागौर में साइबर ठगी का ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां शातिर गिरोह ने गेमिंग एप के नाम पर 28 दिनों में करीब 92 लाख रुपए ठग लिए। नागौर कोतवाली थाना पुलिस ने गिरोह का खुलासा किया है, गेमिंग एप में कमाई लालच देकर ठगी कर रहे थे। एप पर पूरा कंट्रोल गिरोह के पास होता था गिरोह सबसे पहले टेलीग्राम और वॉट्सएप के जरिए ‘रोलेक्स फेयर प्ले’ नाम के गेमिंग एप के लिंक भेजकर लोगों को जोड़ता था। यूजर्स को आईडी-पासवर्ड देकर एप में लॉगिन कराया जाता और शुरुआत में फर्जी जीत दिखाकर भरोसा दिलाया जाता था कि वे पैसा कमा रहे हैं। इसके बाद सट्टा खेलने के नाम पर उनसे बार-बार पैसे जमा करवाए जाते। एप पर पूरा कंट्रोल गिरोह के पास होता था, जिससे धीरे-धीरे यूजर का बैलेंस कम होता जाता और अंत में जीरो कर दिया जाता। ठगी की रकम को फर्जी सिम और किराए के बैंक खातों के जरिए अलग-अलग जगह ट्रांसफर कर दिया जाता, ताकि ट्रैक करना मुश्किल हो जाए। किराए के मकान से चला रहे थे ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क
कोतवाली SHO वेदपाल शिवरान ने बताया- 2 अप्रैल को पुराना हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में साइबर ठगी की सूचना मिली थी। टीम के पहुंचने पर युवक भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर सुनील (24) निवासी ढावा, कुचेरा और सुखवीर (22) निवासी सुवादिया बास, जायल को पकड़ लिया गया। दोनों आरोपी किराए के मकान से ऑनलाइन सट्टे का अवैध धंधा चला रहे थे। फर्जी सिम और बैंक खातों से करते थे करोड़ों का लेन-देन
पुलिस ने मौके से 2 लैपटॉप और 9 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों से खरीदे गए सिम कार्ड और विभिन्न राज्यों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे। ये खाते किराए पर लेकर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करते थे। 57 संदिग्ध खातों की सूची, देशभर में हो सकती हैं शिकायतें
साइबर थाना प्रभारी DSP धरम पुनियां ने बताया- मामले से जुड़े 57 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की गई है। इन खातों के खिलाफ देशभर में शिकायतें मिलने की संभावना है। संबंधित खाताधारकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरोह का मास्टरमाइंड फरार, नेटवर्क के और सदस्य चिन्हित
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है। नागौर जिले में ही चार अन्य संदिग्धों की पहचान की गई है, जो इस नेटवर्क से जुड़े हैं। फिलहाल पुलिस मास्टरमाइंड तक पहुंचने और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। 28 दिन में 90 लाख की ठगी, बढ़ सकता है आंकड़ा
पुलिस के अनुसार अब तक करीब 92 लाख रुपए की ठगी सामने आई है। जब्त किए गए डिवाइस और बैंक खातों की जांच के बाद आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। --- ठगी से संबंधित ये खबर भी पढ़ें … घर बैठे कमाई का झांसा, राजस्थान में करोड़ों की ठगी:सोशल मीडिया पर रेटिंग का ऑफर मिले तो सावधान ठगी का एक बेहद शातिर और नया ट्रेंड 'टास्क फ्रॉड' तेजी से पैर पसार रहा है। ऐसे ही गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जो फर्जी वेबसाइट के जरिए लोगों को करोड़ों का चूना लगा रहा था। पूरी खबर पढ़िए