पर्यावरण संरक्षण और हरित राजस्थान के संकल्प के साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज, नागौर परिसर में 'हरियालो नागौर-हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत 1000 पौधों के रोपण का महाअभियान शुरू किया गया। महावीर इंटरनेशनल नागौर केंद्र की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम संस्था के 52वें स्वर्ण जयंती समारोह पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण के साथ बूंद-बूंद सिंचाई योजना का भी शुभारंभ किया गया। प्रदूषण और बदलता मौसम सबसे बड़ी चुनौती कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण और बदलता मौसम आज सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल हैं। इनसे निपटने के लिए जनभागीदारी के साथ व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण जरूरी है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। अतिथियों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में औषधीय, फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया। इस दौरान विद्यार्थियों, कॉलेज स्टाफ और महावीर इंटरनेशनल के सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी ली। 1000 पौधे लगाने का लक्ष्य महावीर इंटरनेशनल नागौर केंद्र के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था के 52वें स्वर्ण जयंती समारोह पखवाड़े के तहत 14 दिनों तक विभिन्न सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में मेडिकल कॉलेज परिसर में 1000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि आने वाले वर्षों में परिसर हरियाली से आच्छादित हो सके और पर्यावरण संरक्षण का संदेश आमजन तक पहुंचे। कार्यक्रम में पद्मश्री हिम्मताराम भाम्भू, पूर्व डीजीपी (आईबी) खींयाराम बागड़िया, आईपीएस जतिन जैन, एमडीएच नागौर के सुरेश राठी, समाजसेवी अभयमल लोढ़ा, महावीर इंटरनेशनल रीजन-5 के उपाध्यक्ष वीर राजेंद्र सिंह राठौड़, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देवकिशन देवड़ा, उपप्राचार्य डॉ. संदीप चौधरी तथा एनसीसी के मेजर प्रो. डॉ. प्रेमसिंह बुगासरा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।