महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पास नहीं होने पर विरोध में भाजपा महिला मोर्चा ने नागौर जिला मुख्यालय पर विरोध-प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट के बाहर महिला कार्यकर्ताओं और भाजपा पदाधिकारियों ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन ने महिलाओं के हितों के साथ कुठाराघात किया है और इसका परिणाम आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा। महिलाओं के सम्मान का मुद्दा बताया महिला मोर्चा कार्यकर्ता अनीता देवड़ा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित न होने पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने इस अधिनियम को रोककर अपनी संकीर्ण मानसिकता दिखाई है। उनके अनुसार यह केवल एक महिला नहीं, बल्कि पूरे देश की नारी शक्ति का अपमान है। उन्होंने पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि जैसे द्रौपदी के अपमान के बाद कुरुवंश का विनाश हुआ था, वैसे ही इसका परिणाम विपक्ष को भुगतना पड़ेगा। इतिहास का काला दिन बताया कार्यकर्ता श्वेता सिंह ने कहा कि यह दिन भारत के इतिहास में काले पन्ने के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया है। उनके अनुसार यह महिलाओं के अधिकारों पर सीधा हमला है और इसका जवाब देश की महिलाएं चुनाव में देंगी। 33% आरक्षण का प्रावधान, 2029 से लागू करने की तैयारी पूर्व भाजपा विधायक मोहन राम ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि इसे 2029 से प्रभावी करने के लिए परिसीमन जरूरी है, जिसके तहत लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 816 करने की योजना है। विपक्ष पर राजनीति का आरोप मोहन राम ने विपक्षी दलों पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मामला 32 वर्षों से लंबित था और पूर्व में भी कांग्रेस के रुख के कारण बिल पारित नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अपने परिवार से बाहर की महिलाओं को नेतृत्व में नहीं देखना चाहते, इसलिए लगातार बाधाएं उत्पन्न करते रहे हैं।