लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राजस्थान सरकार एक्शन मोड पर है। राज्य सरकार के निर्देशों पर नागौर प्रशासन ने भी व्यावसायिक और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों को लेकर जांच कर रही है। नागौर में एसडीएम और नगर परिषद आयुक्त गोविंद सिंह भींचर ने शहर के कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाने पर जल्द सुधार करने की चेतावनी दी है। इस दौरान उन्होंने कहा- नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीजिंग और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। SDM ने निरीक्षण किया SDM के नेतृत्व में टीम ने शहर के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ- साथ रिलायंस स्मार्ट पॉइन्ट, इतिहास मसाला, बड़े कोचिंग सेंटरों, मॉल, मसाला फैक्ट्रियों और व्यापारिक संस्थाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया। बेसमेंट का व्यावसायिक उपयोग, संकीर्ण रास्ते और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की जांच की गई। सुरक्षा मानकों और फायर एनओसी (Fire NOC) की कमियां पाए जाने पर कार्रवाई की गई। नोटिस जारी किया निरीक्षण के दौरान रिलायंस स्मार्ट पॉइन्ट, होटल, मसाला फैक्ट्रियों में नियमों की अनदेखी उन्हें जल्द सुधार के निर्देश दिए गए और जिन भी बड़े व्यावसायिक संस्थानों में कमियां पाई गईं, उन्हें तुरंत नोटिस जारी कर तय समय सीमा में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए है। छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे SDM और नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त गोविंद सिंह भींचर ने दो टूक शब्दों में कहा- लखनऊ जैसी दर्दनाक घटना की पुनरावृत्ति नागौर में किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी व्यावसायिक या शैक्षणिक परिसर में आमजन और छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। जिन संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी नहीं है या जो सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके खिलाफ सीजिंग और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।