नागौर के डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (DST) को लाइन हाजिर किया गया है। इसमें प्रभारी मुकेशचंद यादव सहित 7 सदस्य शामिल हैं। इनमें से दिनेश और बलदेव को सस्पेंड किया गया है। आरोप है कि कोतवाली (नागौर) थाने के हिस्ट्रीशीटर अशोक भाटी से टीम ने 20 लाख रुपए की डील की थी। यह रकम केस से तस्करों के नाम हटाने के एवज में मांगी गई थी। अशोक भाटी और डीएसटी के कॉन्स्टेबल दिनेश के बीच बातचीत का कथित वीडियो सामने आने के बाद मंगलवार देर शाम SP रोशन मीणा ने यह कार्रवाई की है। एसपी ने इस मामले की जांच सहायक पुलिस अधीक्षक (ट्रेनी IPS) जतिन जैन को सौंपी है। यह था पूरा मामला
मेड़ता (नागौर) डीएसटी प्रभारी को 13 अप्रैल को इनामी बदमाश सुखराम भींचर और अन्य बदमाशों की हनुमान बाग स्थित हिस्ट्रीशीटर अशोक भाटी के घर पर मीटिंग होने का इनपुट मिला था। डीएसटी ने दबिश दी। टीम को देखते ही अशोक आक्रामक हो गया। उसने टीम पर हमला करने के लिए अपने कुत्ते को छोड़ दिया। साथ ही अशोक ने डीएसटी के एक कॉन्स्टेबल के हाथ पर काट लिया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने अशोक सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 5 पर राजकार्य में बाधा और हमले का केस दर्ज
नागौर डीएसटी प्रभारी मुकेश चंद ने कोतवाली में रिपोर्ट दी थी। इसमें अशोक, दिनेश जांदू और प्रहलाद घांची सहित पड़ोसी गुमानाराम व उसकी पत्नी मंजू पर राजकार्य में बाधा और हमला करने का आरोप लगाया गया था। ये पुलिसकर्मी लाइन हाजिर हुए
डीएसटी के प्रभारी उप निरीक्षक मुकेश चंद यादव, हेड कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश, कॉन्स्टेबल सुरेश कुमार, चंदाराम व चतुर्भुज को डीएसटी से अलग कर पुलिस लाइन भेजा गया है। पुलिस पहुंची तो बिगड़ी बात
नागौर के हनुमान बाग (चेनार) का रहने वाला अशोक भाटी कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर 14 केस दर्ज हैं। अशोक के भाई प्रताप पर भी केस दर्ज हैं। सामने आया कि मादक पदार्थ तस्करी में नीमच (MP) पुलिस ने नागौर के किसी व्यक्ति को पकड़ा था। उसका लिंक अशोक भाटी से होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद कथित केस से नाम निकलवाने के लिए अशोक और डीएसटी कॉन्स्टेबल के बीच ढाई लाख रुपए में डील की बात हुई। इसके बावजूद जब नाम नहीं हटा तो 20 लाख रुपए की पेशकश का जिक्र हुआ। बावजूद इसके पुलिस के घर आने की सूचना पर अशोक तैश में आ गया। उसने कॉन्स्टेबल दिनेश व पुलिस को गालियां निकालीं। पुलिस पता लगा रही है कि जिस केस के नाम पर लेनदेन की डील हुई, वह वास्तव में दर्ज है या नहीं। वीडियो में बातचीत के मुख्य अंश... अशोक भाटी: दिनेश जी, आपने मुझे मूर्ख क्यों बनाया? मुझे अब किसी बात से मतलब नहीं है। दिनेश: मैंने आपको मूर्ख नहीं बनाया, मैं अपने बच्चों की कसम खाकर कहता हूं। आपने ही मुझे मैसेज किया था कि बहुत जरूरी काम है। अशोक भाटी: मैंने मैसेज किया था, सुनो। तेजो ने मुझे बार-बार फोन करके कहा था, तब मैंने आपसे बात की। आपने कहा था कि दिनेश जी पैसे दिला देंगे, लेकिन बाद में आप पलट गए और कहा कि मेरा नाम ही नहीं आया। 20 लाख रुपए की बात हुई थी, यह क्या मजाक है? दिनेश: आप मुझ पर विश्वास रखो, मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा। अशोक भाटी: अब मुझे किसी पर भरोसा नहीं है। आप कह रहे थे कि पुलिस आएगी, तो आने दो। मैं अपने घर के बाहर दीवार पर बैठा हूं और पूरी तैयारी के साथ हूं। मैंने पूरी कॉलोनी को बता दिया है कि पुलिस आ रही है। अगर हिम्मत है तो पुलिस वर्दी में आए, 10 मिनट में पूरी कॉलोनी इकट्ठी हो जाएगी। दिनेश : भाई, मैं अभी आपके पास आ रहा हूं। अशोक भाटी : अब आने का क्या फायदा? आपने मेरे साथ धोखा किया है। मैंने हमेशा आपका मान-सम्मान रखा, कभी आपको 'तू' करके बात नहीं की। लेकिन आपने मेरे भरोसे का गलत फायदा उठाया। अब मुझे मारना है तो मार दो, मुझे कोई परवाह नहीं है। दिनेश: भाटी जी, आप गलत समझ रहे हैं। आप सच बताओ, क्या मैंने कभी आपके साथ गलत किया? मैं अभी आपसे मिलने आ रहा हूं, हम बात करेंगे। अशोक भाटी: मैं अपने घर पर ही हूं, आ जाओ। मुझे अब पूरी बात समझनी है। इस बातचीत के बाद ही पुलिस और डीएसटी की टीमें आरोपी के घर पहुंची थीं, जहां आरोपी ने डीएसटी टीम पर अपना पालतू कुत्ता छोड़ दिया था, जिसमें एक कॉन्स्टेबल घायल हो गया था। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद नागौर एसपी रोशन मीना ने पूरी डीएसटी को लाइन हाजिर कर दिया है। (नोट- ऑडियो में आवाज किसकी है, इसकी पुष्टि दैनिक भास्कर नहीं करता।)