शहर में एक बार फिर ट्रैफिक जाम को खत्म करने की कवायद तेज हो गई है। बड़ी-बड़ी तैयारियां की जा रही हैं। बड़े-बड़े प्लान बनाए जा रहे हैं, लेकिन इनसे शहर के ट्रैफिक को राहत मिलेगी, इसमें संशय है। इसका ही एक उदाहरण है नारायण सिंह सर्किल बस स्टॉप। आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस ने एक साल पहले इस सर्किल पर लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए बस स्टॉप को हटा दिया था। इसके बाद यहां से गुजरने वाली बसों का रूट भी बदल दिया था, लेकिन इसका फायदा शहर को नहीं मिला। यहां का जाम अब शहर के अन्य हिस्सों में दिख रहा है। बस ऑपरेटर्स ने नए रूट पर 4 जगह अवैध बस स्टॉपेज बना लिए हैं। इससे जेडीए-मोती डूंगरी, एसएमएस स्कूल और जवाहर नगर कच्ची बस्ती रोड पर ट्रैफिक जाम की समस्या खड़ी हो गई है। इन स्टॉपेज को किसी भी एजेंसी से मंजूरी नहीं मिली है। “डीसीपी ट्रैफिक योगेश गोयल का कहना है कि नए रूट पर बसें रेड लाइट पर ही रुक रही हैं। अब तक नया कोई स्टॉपेज नजर नहीं आया।” भास्कर बता रहा कहां है अवैध स्टॉपेज; एसएमएस स्कूल के पास यहां भी रहता है जाम; ट्रांसपोर्ट नगर रोटरी सर्किल पर भी प्राइवेट बसें बीच सड़क से सवारियां उठा रही हैं, जबकि रोडवेज बसें बस स्टैंड से संचालित हो रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्राइवेट बसों को भी बस स्टैंड से संचालित किया जाए तो जाम से राहत मिल सकती है। ट्रैफिक पुलिस को सड़क पर खड़ी ये बसें नजर ही नहीं आती यह है नया रूट; बसों को नारायण सिंह सर्किल से एसएमएस स्कूल, मोती डूंगरी-जेडीए सर्किल होते हुए जवाहर नगर कच्ची बस्ती तक चलाया जा रहा है। आगरा और दिल्ली मार्ग की करीब 500 बसों के कारण जवाहर नगर कच्ची बस्ती रोड पर शाम 7 से रात 10 बजे तक रोज जाम लगता है। प्रशासन ने बजरी मंडी ट्रांसपोर्ट नगर पर नया अधिकृत बस स्टॉप बनाया, लेकिन यहां बसें नहीं रुक रही हैं। यात्रियों को रोटरी सर्किल जाकर बस पकड़नी पड़ रही है। 4 किमी से बढ़कर 8 किमी हुई दूरी ; रूट बदलने से ट्रांसपोर्ट नगर की दूरी 4 से बढ़कर 8 किमी हो गई। अतिरिक्त चक्कर बढ़ गया। 41 प्रतिशत पारा, टीनशेड भी नहीं; ट्रांसपोर्ट नगर स्टॉप पर 41 डिग्री पारे में यात्रियों को बिना किसी सुविधा के खुले में खड़ा रहना पड़ रहा है। स्टॉपेज पर बैठने की व्यवस्था तक नहीं है।