नाथद्वारा में मंदिरों में चढ़ाई जाने वाली फूल-मालाओं से अब खाद बनाई जाएगी। नगर पालिका की ओर से इसकी शुरुआत की गई है। इसे लेकर मंगलवार शाम को पालिका सभागार में बैठक हुई। बैठक में बताया कि मंदिरों में चढ़ाई जाने वाले फूले-मालाओं को नदी या नालों में प्रवाति नहीं किया जाएगा। इस बैठक में नाथद्वारा शहर के प्रमुख मंदिरों के पु​जारी भी थे, जिस पर सहमति बनी। साथ ही अपील की गई है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु मालाएं अलग रखें। जैविक खाद तैयार की जाएगी बैठक में में निर्णय लिया गया कि मंदिरों से निकलने वाली मालाओं को शामिल कर जैविक खाद तैयार की जाएगी। पालिका आयुक्त सौरभ कुमार जिंदल ने बताया कि अक्सर लोग फूल-मालाओं को जलाशयों में डाल देते हैं, जिससे प्रदूषण फैलता है। इसे रोकने के लिए नगर पालिका विशेष ऑटो चलाएगी, जो रोजाना मंदिरों से फूल एकत्रित करेगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे फूलों को अलग रखें और पालिका के वाहन में ही डालें। इकट्ठा किए गए फूलों को सेग्रीगेशन यूनिट भेजकर खाद बनाने का कार्य किया जाएगा। जलाशय संरक्षण समिति के तन्मय पालीवाल ने बताया कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान होगा और शहर की स्वच्छता में सुधार आएगा।