नीट परीक्षा का पेपर रद्द करके इसके पेपरलीक की जांच सीबीआई को सौंपने के मामले में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर निशाना साधा। जूली ने कहा कि नीट पेपरलीक की शिकायतों के बावजूद राजस्थान पुलिस, एसओजी ने अब तक केस दर्ज क्यों नहीं किया। इसे पेपरलीक क्यों नहीं माना? अब एनटीए ने परीक्षा रद्द की है। सरकार ने जांच सीबीआई को दी है। इसकी जांच कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए, क्योंकि अब देश की जनता को सीबीआई और ईडी पर विश्वास नहीं रहा। जूली ने कहा- यह कितना दुखद है कि बच्चे कितनी मेहनत से तैयारी करते हैं और पेपर लीक हो जाते हैं। ग्रामीण परिवेश से आने वाले बच्चों के माता पिता कितनी मुश्किलें झेलकर बच्चों को पढ़ाते हैं। भाजपा राज के 10 साल में 89 पेपरलीक जूली ने कहा- भाजपा राज में 10 साल में 89 पेपर लीक, यही पेपर लीक की कड़वी सच्चाई है। हर बार बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, कार्रवाई के दावे होते हैं, लेकिन हकीकत में युवाओं की मेहनत, समय और भविष्य के साथ भाजपा सरकार लगातार खिलवाड़ कर रही है। राजस्थान सरकार लगातार मामले को दबाती रही जूली ने कहा- सबसे चिंताजनक बात यह है कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने सच्चाई उजागर करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश की और दो हफ्तों तक युवाओं के भविष्य को दांव पर लगाए रखा। यह सरकार की केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सुनियोजित गैर-जिम्मेदारी और संवेदनहीनता का प्रमाण है। पहले OMR शीट गड़बड़ी जैसे मामलों में भी सच्चाई दबाने की कोशिश की गई, जिससे साफ है कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता और न्याय नहीं, बल्कि अपनी छवि बचाने का खेल है। बीजेपी शासित राज्यों में पेपरलीक, नीट पेपर जयपुर में छपा था जूली ने कहा बीजेपी शासित राज्यों में पेपरलीक हुए हैं। पीएम मोदी 12 साल से केंद्र में सत्ता में हैं, उन्हें बतान चाहिए कहां षडयंत्र हो रहा है। बीजेपी राज में चारों तरफ हर राज्य में पेपरलीक हो रहे हैं। नीट का पेपर जयपुर में ही छपा है। यहां एसओजी ने पेपरलीक क्यों नहीं माना। इससे पहले अलवर में पेपर खुले मिले थे। अलवर में नकल करते पकड़े गए लेकिन उसे लीक नहीं माना। ओएमआरशीट बदलने के मामले में भी सरकार ने कुछ नहीं किया, हमने विधानसभा में मामला उठाया था।