सीएम जन आवास योजना में सख्ती से नए नियम लागू किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जन आवास योजना 2015 की नीति में बड़े बदलाव के तहत 2 बड़ी मीटिंग भी हो चुकी है। इसमें आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और निजी बिल्डरों की मनमानी को रोकने के नाम पर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं। राजस्थान के 31 शहरों में 28 लाख नए आवास बनाए जाने हैं, जो बजट घोषणा है। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के पिछले 10 साल के लक्ष्य के 94 हजार आवास अभी तक नहीं बने हैं। सीएस की अध्यक्षता में पिछले माह प्रधानमंत्री आवास योजना की बैठक में 2026-27 के लिए 75 हजार नए आवासों की स्वीकृति के लक्ष्य पूरे करने का निर्णय किया गया। इसके लिए करीब 475 करोड़ रुपए की अनुदान राशि लाभार्थियों को बांटी जाएगी। साथ ही ईडब्लूएस-एलआईजी आवास इकाइयों के निर्माण में देरी के कारणों की जांच और नए दिशा-निर्देश तय करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। वहीं, अप्रैल में ही 14 शहरों के लिए 9763 नए घर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लिए किस्त जारी की गई है। शहरी क्षेत्रों में 10 साल में 3 लाख 34 हजार 986 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 2 लाख 39 हजार 666 आवास पूर्ण किए गए हैं। अब भी 94 हजार का निर्माण बाकी है। इसके तहत प्रदेश को 6103 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए, जिसमें से 5499 करोड़ रुपए ही लाभार्थियों को मिले। आवास योजना के प्रस्तावित बदलाव