महिलाओं को स्वस्थ रखने एवं सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान चलाता है, लेकिन इसमें उदयपुर जिला पिछड़ता नजर आ रहा है। 17 जुलाई तक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कभी टीकाकरण में प्रदेश के पहले पायदान रहने वाला उदयपुर अब मात्र 34.74% कवरेज के साथ राज्य में 17वें स्थान पर खिसक गया है। पहले स्थान पर डीग है। आंकड़ों के मुताबिक, जिले में निर्धारित 27,719 लक्षित बालिकाओं में से अब तक केवल 9,630 का ही टीकाकरण हो पाया है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है, जिसे समय पर केवल एक टीके से पूरी तरह रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को इस घातक संक्रमण से सुरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान के तहत आशा, एएनएम एवं स्वास्थ्य टीमें लगातार विद्यालयों में संपर्क कर रही हैं एवं अभिभावकों की काउंसलिंग की जा रही है। इसके बावजूद, शहरी क्षेत्रों और कुछ खास ब्लॉक्स में भ्रांतियों व जागरूकता की कमी के कारण अभियान की गति काफी धीमी बनी हुई है। ब्लॉक में ये स्थिति... फलासिया पहले नंबर पर, शहरी क्षेत्र सबसे आखिरी संभाग के चितौड़गढ़ और प्रतापगढ़ भी बॉटम-5 में राज्य स्तरीय रैंकिंग में डीग जिला 100.42% की शानदार उपलब्धि के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर काबिज है। इसके बाद क्रमशः सिरोही (80.01%), भीलवाड़ा (67.49%), झालावाड़ (63.18%) और झुंझुनू (53.26%) राज्य के टॉप-5 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल हैं। इसके विपरीत, प्रदेश के सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले (बॉटम-5) जिलों में बाड़मेर 25.47, चित्तौड़गढ़ 25.29, प्रतापगढ़ 23.98, सवाई माधोपुर 23.73 और बूंदी 19.82 अंकों के साथ सबसे नीचे रहा। काउंसलिंग और अभियान से उदयपुर को पुनः शीर्ष पर लाएंगे हमारा प्रयास है कि एचपीवी टीकाकरण को लेकर समाज में व्यापक जनजागृति आए। यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। जिन्हें भी इस टीके की आवश्यकता है या जो लक्षित वर्ग के दायरे में आते हैं, वे तत्काल ही सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर जाकर इस निशुल्क सुविधा का लाभ उठाएं। हम ब्लॉक स्तर पर काउंसलिंग और सघन अभियान चलाकर उदयपुर को पुनः शीर्ष स्थान पर लाने के लिए संकल्पित हैं। -डॉ राकेश गुप्ता, आरसीएचओ, उदयपुर