प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को बालोतरा के पचपदरा में हाई टेक्नोलॉजी रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इस प्रोग्राम को लेकर प्रशासन, सरकार, बीजेपी और एचपीसीएल तैयारियों में जुटे हैं। रिफाइनरी के सामने करीब 2 लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जबकि अलग-अलग जिलों को भीड़ जुटाने के लक्ष्य दिए गए हैं। इस बीच भीड़ जुटाने और स्टूडेंट्स को प्रोग्राम में ले जाने के आदेशों को लेकर सांसद और विधायक ने सवाल उठाए हैं। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने X पर शिक्षा विभाग के आदेश को साझा करते हुए लिखा कि भ्रमण के नाम पर स्टूडेंट्स को सभा में ले जाने के निर्देश शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। वहीं बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने भी X पर आदेशों की कॉपी साझा कर आरोप लगाया कि भीड़ जुटाने के लिए प्रशासनिक संसाधनों और लोगों पर दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने लिखा कि सरकारी स्कूलों के 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स को रिफाइनरी भ्रमण के नाम पर प्रोग्राम में ले जाने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत है। भीड़ जुटाना बना चुनौती प्रोग्राम ऐसे समय पर हो रहा है जब आखातीज के कारण गांवों में शादियां चल रही हैं। हर गांव में कई शादियां होने से लोग सामाजिक कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। वहीं दूसरी ओर बाड़मेर में तापमान 42-43 डिग्री तक पहुंच रहा है, जिससे रैली में भीड़ जुटाना प्रशासन और पार्टी के लिए चुनौती बना हुआ है। जिलों को दिए गए अलग-अलग लक्ष्य मिली जानकारी के अनुसार बाड़मेर जिले में 50 हजार लोगों को लाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें गुड़ामालानी से 12 हजार, शिव से 8 हजार, चौहटन से 10 हजार, बाड़मेर से 10 हजार और बायतु से 15 हजार लोगों को लाने की योजना है। बालोतरा जिले को 1 लाख लोगों की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, बीकानेर, पाली और सिरोही से भी 1 लाख लोगों को लाने का लक्ष्य रखा गया है। कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए बाड़मेर कलेक्ट्रेट परिसर के अटल सेवा केंद्र में कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक सुरेंद्र प्रताप सिंह भाटी को इसका प्रभारी बनाया गया है। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द जिला प्रशासन ने सभी स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। मुख्यालय छोड़ने पर भी रोक लगाई गई है। अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारियों में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। स्टूडेंट्स को ले जाने के आदेश पर सवाल बायतु विधायक हरीश चौधरी ने X पर शिक्षा विभाग का एक आदेश ट्वीट करते हुए लिखा कि भ्रमण के नाम पर स्टूडेंट्स को जबरन प्रधानमंत्री की सभा में ले जाने का यह आदेश न केवल शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है बल्कि लोकतांत्रित मूल्यों का भी खुला अपमान है। बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने एक्स पर आदेशों की कॉपी ट्वीट करते हुए लिखा कि पीएम मोदी के प्रोग्राम के नाम पर जिस प्रकार भीड़ जुटाने के लिए प्रशासनिक संसाधनों और लोगों पर दबाव डाला जा रहा है। यह बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। जोधपुर संभाग के सरकारी स्कूलों के 11वीं एवं 12वीं के छात्र-छात्राओं को रिफाइनरी भ्रमण के नाम पर प्रोग्राम में ले जाने के निर्देश दिए जा रहे है। लोकतंत्र में जनसमर्थन होना चाहिए, न कि दबाव और प्रशासनिक दुरूपयोग के माध्यम से जुटाया जाए।