राजस्थान में चल रहे कैफीनेटेड कथित एनर्जी ड्रिंक के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चल रहा है। इसके तहत पाली में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को विभिन्न ब्रांडों के कथित एनर्जी ड्रिंक की 21,800 बोतलें जब्त की। जांच के लिए 6 नमूने जोधपुर खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप सिंह यादव और सुरेश चन्द्र शर्मा ने महेश ट्रेडिंग कम्पनी, खेरवा रोड तथा साई दीप एंटरप्राइजेज, रीको औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण किया। FSSI के दिशा निर्देश के तहत जब्त की जांच के दौरान स्टिंग, आफ्टर शॉक, ट्रॉपिकाना फ्रूट्ज और कैंपा एनर्जी ड्रिंक सहित विभिन्न ब्रांडों की कुल 21,800 बोतलें एफएसएसएआई के दिशा-निर्देशों के तहत जब्त की गईं। अधिकारियों ने बताया- नमूनों को जांच के लिए जोधपुर खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरी चेतावनी अंकित होना जरूरी सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया- एफएसएसएआई के अनुसार कैफीनेटेड एनर्जी ड्रिंक के लेबल पर कैफीन की मात्रा, आवश्यक चेतावनी और अन्य अनिवार्य जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधिक कैफीन युक्त पेय पदार्थ गर्भवती महिलाओं, बच्चों, स्तनपान कराने वाली माताओं और कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए जिले में यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप सिंह यादव, सुरेश चन्द्र शर्मा एवं ऑपरेटर ओम प्रकाश प्रजापत मौजूद रहे।