हनुमानगढ़ जिले के पल्लू इलाके में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण सावनी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। ग्वार, मूंगफली, बाजरा, मूंग और मोठ सहित दूसरी फसलें 80 से 90 प्रतिशत तक खराब हो चुकी हैं। किसानों के सामने आर्थिक संकट बढ़ गया है और उनके रोजगार पर असर पड़ रहा है। पूर्व जिला परिषद सदस्य और किसान नेता गौरीशंकर थोरी ने सरकार से पल्लू क्षेत्र के सभी गांवों को तुरंत सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। उन्होंने किसानों को सरकारी मुआवजा देने और रुके हुए फसल बीमा क्लेम का जल्दी भुगतान करने की अपील की। थोरी ने कहा कि बारिश के अभाव में खेतों में खड़ी फसलें चौपट हो गई हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन अभी तक किसानों की परेशानी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। किसानों में काफी गुस्सा है। प्रशासन तुरंत गिरदावरी करवाकर असली नुकसान का पता लगाए और राहत दे। किसानों ने आंदोलन की दी चेतावनी समाजसेवी अनिरुद्ध जोशी ने बताया कि किसान आज भी पिछली रबी फसल के बीमा क्लेम के लिए परेशान हो रहे हैं। सरकार से साफ मांग है कि वर्तमान सावनी फसल के नुकसान का अनुदान और फसल बीमा क्लेम जल्द से जल्द दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने किसानों की मांगों पर जल्दी ध्यान नहीं दिया तो पल्लू क्षेत्र के हजारों किसान सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान मंगलाराम बिजारणियां, हिम्मत सिंह, ममता बस, मामराज कूकना, राज्यवर्धन बनासर, राकेश सिहाग, शक्ति सिंह, रणजीत बिजारणियां, संजय कुमार, राजू ढाका, मोहन जाट, बलराम पुनिया, हेतराम नायक सहित कई किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।