श्रावण माह की शुरुआत के साथ गुरुवार को दौसा जिले के शिवालयों में सुबह से भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक शुरू हुआ। पंच महादेव की नगरी के रूप में पहचाने जाने वाले दौसा के बैजनाथ महादेव, सोमनाथ महादेव, सहजनाथ महादेव, गुप्तेश्वर महादेव और बाबा नीलकंठ महादेव मंदिरों में शिव भक्त पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। देवगिरि पर्वत स्थित बाबा नीलकंठ महादेव मंदिर में भी दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रमुख शिवालयों पर पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए। श्रावण की शुरुआत के साथ मंदिरों में पूजा-अर्चना शुरू श्रावण माह शुरू होते ही देव नगरी के नाम से पहचाने जाने वाले दौसा जिले में शिव भक्ति का माहौल बन गया। तड़के सुबह से ही श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक करने के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। मंदिरों में "ॐ नमः शिवाय" और "बम-बम भोले" के जयघोष सुनाई दिए। पंच महादेव मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालु दौसा की पहचान पंच महादेव की नगरी के रूप में भी है। शहर की चारों दिशाओं में स्थित बैजनाथ महादेव, सोमनाथ महादेव, सहजनाथ महादेव, गुप्तेश्वर महादेव और बाबा नीलकंठ महादेव मंदिरों में श्रावण के पहले दिन श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचे। देवगिरि स्थित बाबा नीलकंठ महादेव मंदिर में भी पहुंचे श्रद्धालु देवगिरि पर्वत पर स्थित बाबा नीलकंठ महादेव मंदिर में भी दूर-दराज से आए शिव भक्तों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रावण माह के दौरान जिलेभर में शिव भक्ति का सिलसिला जारी है। बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर की पूजा सुबह ब्रह्ममुहूर्त से लेकर देर रात तक मंदिरों में श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहता है। श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, आक, भांग, पुष्प और पवित्र जल अर्पित कर पूजा कर रहे हैं। प्रमुख शिवालयों पर पुलिसकर्मी तैनात श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रमुख शिवालयों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। वहीं मंदिर समितियां भी दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखने में लगी हुई हैं।