पंचायतीराज चुनाव के प्रथम चरण को लेकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जिले की 347 ग्राम पंचायतों में से 195 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए शुक्रवार को नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। पिछले 18 दिनों से चुनाव मैदान में सक्रिय दावेदार अब औपचारिक रूप से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। प्रत्याशी और उनके समर्थक घर-घर संपर्क कर मतदाताओं का समर्थन जुटाने में लगे हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद गांवों में चुनावी मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट होगी। सरपंच पद के दावेदारों को निर्धारित समय में नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। कम समय में प्रचार पूरा करने की चुनौती के बीच प्रत्याशी मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति बना रहे हैं। आज नामांकन, जांच और नाम वापसी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 23 अक्टूबर को सुबह 8 से 11 बजे तक नामांकन पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। सुबह 11 से 11:30 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी। इसके बाद दोपहर 12 से 2 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। दोपहर 2 बजे के बाद चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। इस प्रक्रिया के बाद सरपंच पद के प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर साफ हो जाएगी। बैलेट पेपर से होगा मतदान पंचायतीराज चुनाव में सरपंच पद के लिए सफेद और वार्ड पंच पद के लिए गुलाबी मतपत्र का इस्तेमाल किया जाएगा। मतदान केंद्र पर मतदाता अपनी पसंद के प्रत्याशी के सामने मुहर लगाकर मतपत्र को मतपेटी में डालेंगे। ऐसे में मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया समझकर सही तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग करना होगा। 24 अक्टूबर को मतदान प्रथम चरण के चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 24 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। मतदान के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव को लेकर गांवों में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की सक्रियता बढ़ गई है। अब सभी की नजरें नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आने वाली उम्मीदवारों की अंतिम सूची और मतदान के परिणाम पर टिकी हैं।