करौली के परीता गांव में भादो मास की अमावस्या पर हर साल होने वाला कुश्ती दंगल हुआ। इसमें दूर-दूर से आए पहलवानों ने अपने दांव-पेंच दिखाए। हजारों दर्शक कुश्ती देखने पहुंचे और रोमांचित हुए। अखाड़े में पहलवानों के बीच कई रोमांचक मुकाबले हुए। दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया। दंगल की शुरुआत बाल पहलवानों की कुश्तियों से हुई, जिसमें महिला पहलवानों ने भी हिस्सा लिया और अपने दांव-पेंच दिखाए। 300 से ज्यादा कुश्तियां हुई आयोजन समिति ने बताया कि दंगल में 300 से ज्यादा कुश्तियां हुईं। इनमें करौली, सवाई माधोपुर, भरतपुर, दौसा और धौलपुर के साथ-साथ मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और दूसरे राज्यों के पहलवानों ने भाग लिया। विजेता पहलवानों को आयोजन समिति की तरफ से इनाम की रकम दी गई। आयोजकों ने बताया कि यह दंगल हर साल बड़िये बाबा के मेले के मौके पर होता है। इसका मकसद ग्रामीण युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों से जोड़ना है। इस कार्यक्रम में अंकुर परीता, अजय सरपंच प्रतिनिधि, सरपंच राजंती देवी, महादेवा पटेल, रामाधार प्रिंसिपल और राजेंद्र समेत कई खास लोग मौजूद थे। आखिरी कुश्ती बराबरी पर छूटी दंगल की आखिरी कुश्ती हरिकेश पहलवान (हाथरस) और भारत पहलवान (दिल्ली) के बीच हुई। यह कुश्ती 1 लाख 11 हजार रुपए की थी, जो बराबरी पर छूटी। कमेटी ने दोनों पहलवानों का स्वागत किया और उन्हें इनाम की रकम दी।