श्वेतांबर जैन समाज के पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व मंगलवार से प्रारंभ हुए। पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व की आराधना कराने पहुंचे साधर्मिक बंधुओं द्वारा 9 से 15 सितंबर तक धार्मिक कार्य संपन्न करवाए जाएंगे। अंता विधायक प्रमोद जैन भाया एवं गौतम बोरडिया ने बताया कि पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व की आराधना कराने के लिए अखिल भारतीय श्री वर्धमान जैन नवयुवक मंडल जावरा से भावेशजी हरण, ओजसजी सुराणा एवं रक्षितजी कोचर साधार्मिक बंधुओं ने प्रथम दिन के व्याख्यान में पर्वाधिराज, तीर्थाधिराज, मंत्राधिराज और यंत्राधिराज के बारे में बताया। उन्होंने पर्यूषण महापर्व के पांच आवश्यक कर्तव्यों अमारी प्रवर्तन, साधर्मिक वात्सल्य, क्षमापना, अठ्ठम तप और चैत्य परिपाठी के बारे में जानकारी देते हुए इन पांचों कर्तव्यों का पालन करने के लिए बताया गया। प्रवचन के दौरान साधर्मिक बंधुओं ने कहा कि हमारा पूरा जिनशासन जिज्ञासा के ऊपर टिका हुआ है और हमें हमारे जिनशासन के लिए हमारे मन में जिज्ञासा होनी चाहिए। श्री जैन श्वेताम्बर समाज मूर्ति पूजक संघ के अध्यक्ष राजेंद्र रंगावत, श्री चंद्रप्रभु महिला मंडल अध्यक्ष एवं जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया ने बताया कि प्रतिदिन प्रातः प्रतिक्रमण, भक्ताम्बर, स्नात्र पूजा, व्याख्यान, प्रवचन, सायंकालीन प्रतिक्रमण, आरती, भक्ति के कार्यक्रम संपन्न होंगे। इस वर्ष भक्ति कार्यक्रम प्रतिदिन रात्रि 9 बजे से नवनिर्मित श्री गुणवर्धन शंखेश्वर पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर तीर्थ ट्रस्ट बमूलियाकलां पर आयोजित होंगे। कार्यक्रम के दौरान भोजन व्यवस्था एवं स्नात्र पूजा अशोक कुमार निर्मला, गौतम कुमार रेखा बोरडिया परिवारजनों की तरफ से रही। इस दौरान नवयुवक मंडल, महिला मंडल सहित सकल श्रीसंघ उपस्थित रहा। भाया ने बारां सकल श्रीसंघ से अधिक से अधिक आराधना कार्यक्रम में जुड़ने का आग्रह किया।