झुंझुनूं के बिसाऊ थाना इलाके में गृह कलेश के चलते एक दंपती ने सुसाइड कर लिया। दिलोई गांव की चारागाह भूमि में रह रहे पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसमें पहले पत्नी ने जहर खाया और इसके बाद पति ने डिप्रेशन में आकर खेजड़ी के पेड़ से लटककर जान दे दी। पहले पत्नी ने दी जान ​बिसाऊ थानाधिकारी शेर सिंह बताया कि मृतक सुभाष (23) अपनी पत्नी सुप्यार (19) और दो बच्चों के साथ रहता था। शाम को सुभाष अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर पाटोदा-कमालसर के बीच स्थित अपने पैतृक डेरे पर आया था। सुभाष के पिता सोहनलाल ने बताया कि वहां रुकने के कुछ देर बाद पति-पत्नी खेतों की तरफ चले गए। ​डेरे से करीब 500 मीटर की दूरी पर दोनों के बीच फिर से अनबन हुई, जिसके बाद सुप्यार देवी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। सुभाष ने चिल्ला कर परिजनों को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने निजी कंपाउंडर को बुलाया, जिसने हालत नाजुक बताई। पुलिस की मदद से उसे बिसाऊ के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खेजड़ी से लटककर दी जान पत्नी की मौत की खबर सुनते ही सुभाष डिप्रेशन में चला गया। रात के अंधेरे में वह पाटोदा रोही की तरफ निकल गया और वहां एक खेजड़ी के पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार सुबह जब ग्रामीणों ने शव को पेड़ से लटका देखा, तो इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही थानाप्रभारी शेरसिंह जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतरवाया। ​10 साल पहले हुई थी शादी, अक्सर होती थी अनबन ​पुलिस जांच में सामने आया कि सुभाष और तारपुरा निवासी सुप्यार की शादी करीब 10 साल पहले हुई थी। परिजनों के अनुसार, दोनों के बीच पिछले काफी समय से पारिवारिक कलह चल रही थी। पूर्व में भी कई बार विवाद हुए थे, लेकिन हर बार समझाइश कर मामला शांत करा दिया जाता था। इस बार विवाद इतना बढ़ा कि दो मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया। ​थानाप्रभारी शेरसिंह ने बताया कि पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। शुरुआती जांच में मामला गृह कलह और अवसाद का प्रतीत हो रहा है। पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।