फलोदी जिला बनने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक अहम पहल करते हुए जिला मुख्यालय पर जिला आयुर्वेद अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया गया है। लंबे समय से इस अस्पताल की मांग की जा रही थी। इसके शुरू होने से आयुर्वेद चिकित्सा पर विश्वास रखने वाले हजारों मरीजों को अब जिला स्तर पर विशेषज्ञ परामर्श, बेहतर उपचार और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने वैद्य डॉ. भरत सोनी को जिला आयुर्वेद अस्पताल का प्रभारी नियुक्त किया है। उनका स्थानांतरण नोख से फलोदी किया गया है। इससे पहले वे खीचन आयुर्वेद औषधालय का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहे थे। नई नियुक्ति के साथ अस्पताल में नियमित सेवाएं शुरू हो गई हैं। जिला अस्पताल परिसर के पीछे संचालित होगा फिलहाल जिला आयुर्वेद अस्पताल का संचालन जिला अस्पताल परिसर के पीछे स्थित आयुर्वेद औषधालय भवन से किया जाएगा। वहीं, अब तक औषधालय प्रभारी रहे डॉ. मुकेश सुथार को सहायक निदेशक पद पर पदोन्नत कर आईजीएनपी कॉलोनी स्थित आयुष कार्यालय में पदस्थापित किया गया है। जिला आयुर्वेद अस्पताल शुरू होने से मरीजों को आयुर्वेदिक दवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही पंचकर्म, अग्निकर्म और अन्य विशेष आयुर्वेदिक उपचार सुविधाएं भी चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी। वर्तमान में अस्पताल में प्रभारी चिकित्सक के अलावा एक नर्सिंग अधिकारी और एक परिचारिका की नियुक्ति की गई है। शेष स्वीकृत पदों पर भी जल्द नियुक्तियां होने की संभावना है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का और विस्तार होगा। ग्रामीण और शहरी मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ फलोदी को जिला घोषित किए जाने के बाद से यहां जिला आयुर्वेद अस्पताल की स्थापना की मांग लगातार उठ रही थी। अब इसके संचालन से जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मरीजों को उपचार के लिए जोधपुर या अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे स्थानीय स्तर पर आयुष चिकित्सा सेवाएं मजबूत होंगी और लोगों को गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक उपचार आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।